नई दिल्ली: म्युजिक सिर्फ इंटरटेन्मेंट का साधन ही नहीं है बल्कि यह आपको डिप्रेशन से और आपकी मैमोरी सबंधित कई तरह की बीमारियों के इलाज में भी काफी मदद करता है. म्युजिक और सेहत का रिश्ता सदियों पुराना है. लेकिन अब तो ऐसा हो गया है संगीत दवा से ज्यादा आपकी बीमारियों को गायब करने में और सेहत के लिए बेहद असरदार दवा है.
 
वास्तव में यह बड़ी ही अजीब बात है कि हम संगीत बनाते हैं और संगीत हमें. मेडिकल साइंस में म्युजिक ने इलाज की एक पद्धति के रूप में अपनी अलग जगह बना ली है. यह अल्जाइमर और डेमेन्सिया जैसे मानसिक रोगों के उपचार में संगीत बेहद कारगर साबित हुआ है.
 
मांशपेशियों के लिए अच्छा-
स्ट्रोक के मरीजो के लिए और वो लोग जिनमें  तंत्रिका तंत्र के रोग होते हैं. उनमें म्युजिक थैरेपी बहुत ही अच्छे से काम कर सकती है. क्योंकि आपकी मांसपेशियां बीट्स के हिसाब से हिलती है तो इसलिए यह मांसपेशियों के लिए एक आराम दायक कसरत हो सकती है.
 
दिमाग के लिए फायदेमंद –
संगीत के कई फायदे रहते हैं. एक बच्चा जब भी वो संगीत सुनता है वह बार-बार उसके स्रोत की तरफ देखता है. इसका मतलब यह है कि सिर्फ एक ही नहीं बल्कि दो संवेदक अंग काम कर रहे होते हैं. साथ ही यह भी पता चलता है कि दिमाग के दोनों भाग संगीत को पहचान सकते हैं.
 
याद्दाश्त होती है अच्छी-
संगीत से आपकी मेमोरी भी अच्छी हो जाती है. जिससे  हमारी याद रखने की क्षमता बढ़ जाती है। संगीत सुनने से दिमाग शांत होता है जिसकी वजह से मनुष्य को चीजें जल्दी याद हो जाती हैं. पहले के लोग दोहों को गाकर संगीत का आनंद लेते थे. जिसमें भक्ति गीत भी शामिल होते थे. वो दोहें लोग आज भी याद रखते हैं और समय के अनुसार उसका प्रयोग करते हैं.
 
बच्चों के लिए भी बेहतर इलाज-
संगीत दिमाग को चीजो में अंतर करना बताता है. जिस प्रकार बच्चों को शांत करने के लिए लोरियां सुनाई जाती हैं. हमारा शरीर संगीत के प्रति लय से लय मिलाता है और उसी के प्रति उत्तर में शारीरिक बदलाव लाते है. संगीत उपचार भी कर सकता है क्योंकि यह सीधे हमारी भावनाओं से जुड़ा हुआ रहता है.