Hindi lifestyle Women, men, lifestyle news, Husband, wife, relationship http://www.inkhabar.com/sites/inkhabar.com/files/field/image/lifestyle%20News.jpg

अगर आप भी गर्लफ्रेंड को 'बाबू' या 'सोना' कहते हैं तो ये खबर है आपके लिए

अगर आप भी गर्लफ्रेंड को 'बाबू' या 'सोना' कहते हैं तो ये खबर है आपके लिए

| Updated: Wednesday, April 19, 2017 - 21:52
Women, Men, Lifestyle News, Husband, Wife, Relationship

a man call a woman baby or Honey

इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
अगर आप भी गर्लफ्रेंड को 'बाबू' या 'सोना' कहते हैं तो ये खबर है आपके लिएa man call a woman baby or HoneyWednesday, April 19, 2017 - 21:52+05:30
नई दिल्ली: अक्सर लड़के अपनी गर्लफ्रेंड को स्पेशल फिल करवाने के लिए 'बाबू', सोनू, और न जाने ऐसे कई नाम देते हैं. ऐसा इसलिए भी किया जाता है क्योंकि इससे लड़की को पूरा विश्वास हो जाए इससे ज्यादा प्यार करने वाला तो मुझे मिल ही नहीं सकता. लेकिन क्या आपको पता है इस प्यार के पीछे का राज.
 
इस रिसर्च में यह बात सामने आई है कि अक्सर एक लड़का अपनी महिला दोस्त या गर्लफ्रेंड को हमेशा अपने से कम समझता है. या यूं कहे वह उसे बिलकुल अपने सामने बच्चा समझता है. एक ऐसा बच्चा जो हर मामले में ना समझ है. लेकिन अगर आपका ब्वॉयफ्रेंड भी आपको कहता है 'सोना', 'बाबू' तो खुश होने की जरूरत ये है इसके पीछे का सच.
 
रिसर्च के मुताबिक दफ्तर में लोग अक्सर महिला कर्मचारियों को खास तरह से बुलाते हैं. बॉस कई बार लड़कियों को हनी या बेबी कहकर बुलाते हैं. बरसों से औरतों और मर्दों को बराबरी देने की मुहिम चल रही है लेकिन इस तरह के संबोधन बराबरी के हक में दखलंदाजी माने जाते हैं.
 
यूं तो दफ्तरों में महिलाओं की इज्जत बढ़ी है, उन्हें बड़े ओहदे भी मिल रहे हैं मगर बोलचाल में अभी भी ऐसे लफ्जों, ऐसे वाक्यों का इस्तेमाल हो रहा है जो महिलाओं का दर्जा, उनका मान कम करते हैं, महिलाओं को अलग पहचान देने की कोशिश करते हैं.
इस बारे में तमाम तरह के आंकड़े इकट्ठे किए गए हैं.
 
मसलन, तमाम दफ्तरों में सालाना परफॉरमेंस रिव्यू में महिलाओं को अभी भी चलताऊ कमेंट ही मिलते हैं. जैसे कि, 'तुमने पूरे साल बहुत अच्छा काम किया.' या फिर उनके बातचीत के लहजे की तारीफ की जाएगी जिसका काम से बहुत ज्यादा ताल्लुक नहीं होता. महिलाओं के मुकाबले मर्दों को उनके काम का सीधा फीडबैक मिलता है. उनकी कुछ खास उपलब्धियों की, उनके काम की तारीफ होती है.
 
आज जब सबको बराबरी की बात हो रही है तो सिर्फ जेंटलमैंस अग्रीमेंट ही क्यों? जेंटलवीमेंस अग्रीमेंट (gentlewomen's agreement) क्यों नहीं? या फिर ऐसा कोई जुमला जिसमें न मेन हो न वीमेन. बीसवीं सदी की शुरुआत में ऐसे बहुत से जुमले इस्तेमाल होते थे जैसे मैन ऑन मैन डिफेंस, क्वार्टरबैक.
 
इसी तरह चालीस के दशक में विंगमैन, स्ट्रॉमैन, मिडलमैन, राइटहैंड मैन और पोस्टर ब्वॉय जैसे शब्द खूब चलन में थे. ये सब महिलाओं को नीचे दर्जे का प्राणी दिखाते हैं. वहीं महिलाओं के लिए जो शब्द चलन में थे वो उनके किरदार को खराब तरीके से पेश करने वाले थे. जैसे prima donna, drama queen, mean girl, Debbie Downer or Negative Nancy.
 
अब कौन महिला इन नामों से बुलाया जाना पसंद करेगी? अंग्रेजी में बहुत से ऐसे लफ्ज भी हैं जो खुलकर Men या Momen का जिक्र नहीं करते मगर इनसे भी लिंगभेद जाहिर होता है. अमरीका के क्लेमैन इंस्टीट्यूट ऑफ जेंडर रिसर्च ने ऐसे बहुत से जुमलों को जमा किया है. रिसर्च के मुताबिक दफ्तरों में चाहे वो काम का हिसाब हो या आम बातचीत, औरतों और मर्दों के बीच कई बार खुलकर और कई बार दबे-ढंके लहजे में भेदभाव होता है.
 
महिलाओं के लिए अक्सर हमदर्दी रखने, सहयोग करने वाली और गर्मजोशी जैसे शब्दों का इस्तेमाल होता है. इनके मुकाबले मर्दों के लिए कहा जाता है कि वो चीजें अपने हाथ में ले लेता है, खुलकर काम करता है, अपने टारगेट पूरे करता है. ये लिंगभेद ही है जिसे हम नहीं समझ पाते.
 
अंग्रेजी में बहुत से ऐसे लफ्ज हैं जो प्याज़ की तरह परत-दर-परत अलग-अलग मायने वाले होते हैं, मसलन Guy को ही लीजिए. अगर एकवचन है तो ये सिर्फ किसी आदमी के लिए होगा Guys है तो ये कई लोगों के लिए इस्तेमाल होगा. इनमें औरतें और मर्द दोनों ही हो सकते हैं. जैसे किसी स्टार्ट-अप कंपनी के लिए कहा जाता है कि Two Guys in a garage. अब जरूरी नहीं कि वो दो लोग सिर्फ पुरुष ही हों, दो महिलाएं या फिर एक महिला और एक पुरुष भी हो सकते हैं.
 
तो क्या हमें Guys शब्द इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि इससे तो लिंगभेद की बू आती है. शायद इसलिए पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा जब लोगों को संबोधित करते थे तो Guys के बजाय Folks कहते थे जो शायद बेहतर विकल्प है. आज पहले के मुकाबले हम वो शब्द ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं जो औरतों और मर्दों में भेद नहीं करते.
 
पहले के जमाने में तो महिलाओं को हर काम के लिए अलग शब्द दिया जाता था. अंग्रेजी में तो ऐसे शब्दों की भरमार थी. जैसे- Hostess, Stewardess, Waitress. किसी जमाने में लेखिका के लिए Authoress, हत्यारिन के लिए Assassinatress जैसे शब्द चलन में थे। ऐसे ही और भी बहुत से शब्द कभी चलन में थे...Cousiness, Fornicatress, Greengroceress, Inventress, Murdermongress, Pythoness और Revengeress.
 
इसके अलावा अगर किसी काम को करने वाली अगर महिला है तो उस पेशे के आगे lady लगाने का भी चलन था. मिसाल के तौर पर Lady-Nurse या Lady-housekeeper. आज हम उस दौर से बहुत आगे निकल आए हैं. हमारी जबान भी बदली है और हमारी सोच भी मगर औरतों और मर्दों को बराबरी का दर्जा देने और उनसे एक जैसे बर्ताव की दिशा में अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है.
 
First Published | Wednesday, April 19, 2017 - 21:52
For Hindi News Stay Connected with InKhabar | Hindi News Android App | Facebook | Twitter
Web Title: a man call a woman baby or Honey
(Latest News in Hindi from inKhabar)
Disclaimer: India News Channel Ka India Tv Se Koi Sambandh Nahi Hai

Add new comment

CAPTCHA
This question is for testing whether or not you are a human visitor and to prevent automated spam submissions.

फोटो गैलरी

  • मुंबई के केलु रोड स्टेशन पर एक ट्रेन में सवार अभिनेता विवेक ओबेरॉय
  • मुंबई में अभिनेत्री सनी लियोन "ज़ी सिने पुरस्कार 2017" के दौरान प्रदर्शन करते हुए
  • सूफी गायक ममता जोशी, पटना में एक कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शन करते हुए
  • लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई देते प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी
  • मुंबई में आयोजित दीनानाथ मंगेसकर स्मारक पुरस्कार समारोह में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, लता मंगेसकर और अभिनेता आमिर खान
  • चेन्नई बंदरगाह पर भारतीय तटरक्षक बल आईसीजीएस शनाक का स्वागत
  • आगरा में ताजमहल देखने पहुंचे आयरलैंड के क्रिकेटर
  • अरुणाचल प्रदेश में सेला दर्रे पर भारी बर्फबारी का एक दृश्य
  • कोलकाता के ईडन गार्डन में वंचित बच्चों की मदद के लिए क्रिकेट खेलने पहुंचे पूर्व क्रिकेटर टीएमसी मंत्री लक्ष्मी रतन सुक्ला
  • नई दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुंबई में अंतर्राष्ट्रीय डायमंड सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी