नई दिल्ली. बीमारी के वक्त डॉक्टर और अस्पाताल की चक्कर लगाना एक मुसीबत होती है पर अब आपके पास सोशल मीडिया का विकल्प है. इसके जरिए आप ऑनलाइन अपनी बीमारी के ईलाज के लिए डॉक्टरों से सलाह ले सकते हैं. भारत में वाट्सएप, ट्विटर व फेसबुक के जरिए डॉक्टर अब मरीजों की मदद करते हैं. उन्हें इलाज के बारे में निर्देशित करते हैं, सर्जरी के बाद आवश्यक सुझाव देते हैं और अन्य चिकित्सकीय सलाह देते हैं. 

दिल्ली स्थित इंडियन स्पाइन इंजरिज सेंटर में मेडिसन डॉयरेक्टर व स्पाइन रोग प्रमुख डॉक्टर एच.एस.छाबड़ा ने कहा, ‘मरीजों तक पहुंचने के लिए हम वाट्सएप, स्काइप तथा वाइबर का धड़ल्ले से इस्तेमाल करते हैं. वर्तमान में 180 से अधिक मरीज वाट्सएप पर हमसे संपर्क में हैं, जबकि स्काइप पर 30 है.’  इनमें अनिल कालरा (27) का मामला लें, जिन्हें दिसंबर 2012 में रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट की बात सामने आई थी. सेंटर में ऑपरेशन के बाद उनका चार महीने तक रिहैबिलिटेशन चला. इस दौरान चिकित्सक उन्हें स्काइप पर छह सप्ताह तक रोजाना 45 मिनट तक स्वास्थ्य संबंधी सुझाव दिया. 

ग्रुप भी हैं बने

नई दिल्ली स्थित मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल ने वाट्सएप पर स्तन कैंसर के कई मरीजों को विशेषज्ञों से जोड़ रखा है, जो उन्हें परामर्श प्रदान करने के लिए हर वक्त तैयार रहते हैं. मैक्स अस्पताल में मेडिकल ऑन्कोलॉजी की निदेशक डॉ.अनुपमा हुडा ने कहा, ‘हमारे पास वाट्सएप ग्रुप में रेडिएशन ऑन्कोलॉजी व ऑन्कोसर्जरी विशेषज्ञ हैं. इसलिए जब भी कोई मरीज कुछ पूछता है, तो उपलब्ध विशेषज्ञ उसका जवाब देते हैं.’ हाल ही में अमेरिका में किए गए एक सर्वे में लगभग 57 फीसदी लोगों ने फेसबुक और ई-मेल पर अपने चिकित्सकों तक पहुंचने में दिलचस्पी जताई है. भारत में वर्तमान में 14.3 करोड़ लोग सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिनमें से 2.5 करोड़ लोग ग्रामीण क्षेत्रों के हैं.