नई दिल्ली: गोरा होने के लिेए सिर्फ लड़कियां ही क्रीम नहीं लगती है. लड़के भी इस काम में सबसे आगे है. एक रिसर्च में इस बात का खुलासा हुआ है कि एशिया में भारतीय लड़के फेयरनेस क्रीम लगाने के मामले में तीसरे नंबर पर हैं.
 
यह रिसर्च कम और मीडियम इनकम वाले  26 देशों पर किया गया. जिसमें थाईलैंड पहले और दूसरे नंबर पर फिलीपींस के लड़के हैं. इनके ऐसा करने की वजह ये है ताकि लड़किया उनकी तरफ आकर्षित हों, लोग उन्हें देखे और वे स्मार्ट दिखे. ऐसा काम यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स सबसे आगे हैं.
 
इस शोध में यूनिवर्सिटी के लड़कों को भी शामिल किया गया. इसमें सबसे ज्यादा 65.5 फीसदी थाईलैंड के लड़के गोरा होने के लिए क्रीम लगाते हैं. फिलीपींस में 25.4 फीसदी, जबकि भारत में 16.7 फीसदी लड़के फेयरनेस क्रीम लगाते हैं.
 
एशिया में कुल 16.7 फीसदी लड़के रोजाना क्रीम लगाते हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में कुल कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स का 61 फीसदी फेयर स्किन प्रोड्क्टस यूज किया जाता है. 
 
रिसर्च में ये भी पाया गया कि जिनका रंग गोरा होता है उन्हें जॉब के लिए फायदेमंद होता है. नौकरी में गोरे लड़कों को ही प्रायऑरिटी दी जाती है. इसके अलावा लड़के बिना किसी जांच-परख के ही फेयरनेस क्रीम लगाते हैं. ज्यादातर एशियाई देशों में इन क्रीम की क्षमता और सेफ्टी की जांच के लिए कोई खास नियम-कायदे भी नहीं हैं.
 
बता दें कि एशिया के देशों में यूथ को आकर्षित करने के लिए कॉस्मेटिक कंपनियां प्रोडक्ट्स अपने एड के लिए फिल्म स्टार और खिलाड़ियों से करवाते हैं. इनमें भारत के शाहरुख खान और साउथ कोरिया के के पॉप जैसे स्टार भी शामिल हैं.