पुणे. आज के समय में जहां हर चीज बदल रही है, एक बड़ा बदलाव महिलाओं की यात्रा में भी हुआ है. पहले जहां कहीं पास में जाने के लिए भी महिलाओं को किसी के साथ की जरूरत होती थी, वहीं आज महिलाएं अकेले ही सफर पर निकलने लगी हैं. अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है.
 
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एक ट्रेवल कंपनी के सर्वे में महिलाओं ने अकेले सफर करने के अपने अनुभवों को सांझा करते हुए अहमदाबाद को जहां सबसे सुरक्षित शहर बताया है, वहीं पुणे को दूसरे स्थान पर रखा है. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर है. 
 
अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं ने असुरक्षित शहरों की लिस्ट में पहले पायदान पर दिल्ली, दूसरे में बिहार के शहर और तीसरे पायदान पर उत्तर प्रदेश के शहरों को रखा है. 
 
अकेले सफर करने वाली भारतीय महिलाओं में 47 फीसदी महिलाओं का मानना है कि ऐसा करने से उन्हें आजादी मिलती है. वह जो करना चाहे बिना किसी बंधन के कर सकती हैं. 39 फीसदी महिलाओं का कहना है कि यह उनके लिए एक चुनौती होती है. वहीं 28 फीसदी महिलाओं का मानना है कि उन्हें इसलिए अकेले सफर करना पड़ता है क्योंकि उनके परिवार में किसी के पास समय और साधन नहीं होता है कि वह साथ में चल सकें.
 
इस सर्वे में पूरे विश्व के 10 देशों से आंकड़े इकट्ठे किए गए, जिसमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, ब्रिटेन, इटली, जर्मनी, स्पेन, रूस और दक्षिणपूर्वी एशिया के देश शामिल हैं. सर्वे में करीब 10,481 महिलाओं ने हिस्सा लिया, जिनमें से 1,300 भारतीय महिलाएं थीं. 
 
सर्वे लेने वाली ट्रेवल कंपनी के मैनेजर का कहना है कि भारतीय महिलाओं का अकेले सफर को देखने का नजरिया बदल रहा है. उन्होंने बताया कि सर्वे में सामने आया है कि इस साल कुल 11 फीसदी महिलाओं ने अकेले सफर करने को असुरक्षित बताया है, जो कि पिछले साल 33 फीसदी था. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि महिलाओं को सुरक्षित महसूस हो इसके लिए अभी भी बहुत कुछ करने की जरूरत है.
 
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सर्वे में उत्तरपूर्वी इलाके अकेले सफर करने वाली भारतीय महिलाओं की पसंदीदा जगह के रूप में सामने आए हैं, जिनमें शिलांग, मेघालय और लद्दाक को सबसे ज्यादा वोट मिले हैं.