इस्लामाबाद. शौहर की बात नहीं सुनने पर बीवी की हल्की पिटाई को जायज बताने वाली काउंसिल ऑफ इस्लामिक आइडियोलॉजी की सिफारिश के खिलाफ पाकिस्तानी प्रोफेशनल औरतों ने एक स्वर से कहा है कि पति ने हाथ उठाया तो हाथ तोड़ दूंगी या जान ले लूंगी. हाथ उठाने पर पति के साथ होने वाली ये 12 झन्नाटेदार चीजें आप भी पढ़िए.
 
पाकिस्तानी अख़बार द एक्सप्रेस ट्रिब्युन ने पाकिस्तान में एक दर्जन आधुनिक और पेशेवर महिलाओं और लड़कियों से काउंसिल की इस सिफारिश पर बातचीत की और उनकी प्रतिक्रिया को #TryBeatingMeLightly सीरीज के तहत फोटो गैलरी बनाकर छापा है. 
 
 
अंबर जुल्फिकार, ट्रेवल ब्लॉगर- मेरी हल्की पिटाई की तो पिछवाड़ा लाल कर दूंगी.
अदीक़ा लालवाणी, डिजिटल स्टोरीटेलर- मेरी हल्की पिटाई करोगे तो मैं वो तबाही बनूंगी जिसकी तुम कल्पना भी नहीं कर सकते.
प्रियंका पाहुजा, डिजिटल मार्केटर- मेरी हल्की पिटाई की तो मैं तुम्हारे ऊपर कार चढ़ा दूंगी. 
फराह एस. कमाल, एजुकेशन कंस्लटैंड- मेरी हल्की पिटाई करके देखो और मुझे ये बताओ कि क्या तुम भी हल्का पिटना पसंद करोगे ?
 
 
सुंबुल उस्मान, सोशल मीडिया मैनेजर- मेरी हल्की पिटाई की तो तुम सुबह देखने के लिए ज़िंदा नहीं बचोगे.
फिज़ा रहमान, ब्रांड मैनेजर- मेरी हल्की पिटाई की तो मैं भी तुम्हारी हल्की पिटाई करूंगी लेकिन खुलेआम.
एरम ख़ान, ब्लॉगर- मेरी हल्की पिटाई की तो नतीज़ा भुगतने के लिए भी तैयार रहो.
शगुफ्ता अब्बास, डॉक्टर- मेरी हल्की पिटाई की तो जो हाथ उठेगा उसे तोड़ दूंगी और बाकी क्या करूंगी, वो अल्लाह पर छोड़ दो.
 
 
राबिया अहमद, फोटो ब्लॉगर- मेरी हल्की पिटाई की तो याद रखना, मैं सूरज हूं, जलाकर रख दूंगी.
सुंदस रशीद, रेडियो जॉकी- मेरी हल्की पिटाई की तो अपनी बची हुई पूरी ज़िंदगी पछताओगे.
सादिया अज़हर, ब्लॉगर- मुझे हराना है तो बुद्धि से हराओ, हाजिरजवाबी से हराओ, मुस्कान से हराओ, उदारता से हराओ लेकिन अगर हाथ उठाया तो भूत उतार दूंगी.
अल्वेरा राजपर, मेडिकल स्टुडेंट- पहले ये बताओ कि तुम्हारी बेटी को अगर कोई हल्का पीटे तो तुम्हें कैसा लगेगा.