मुंबई. हमेशा से कहा जाता रहा है कि अच्छे से पढ़-लिखकर सीए या इंजीनियर बनों. ये भी कहा जाता है कि इंजीनियर बन गए तो लाइफ सेट है. सबसे ज्यादा पैसा यहीं है. लेकिन कमाई के मामले में इंजीनियर्स और सीए को पीछे छोड़ते हुए डाटा साइंटिस्ट ने बाजी मार ली है. 
 
साल 2012 में हार्वर्ड बिजनेस स्कूल ने डाटा साइंटिस्ट की जॉब को ’21वीं सदी की सबसे सेक्सी जॉब’ कहा था. हाल ही में ग्लासडोर ने इसे साल 2016 की ‘बेस्ट जॉब ऑफ दी ईयर’ करार दिया. भारत में भी डाटा साइंटिस्ट की मांग बढ़ते जा रही है, इनको हायर करने के लिए कंपनियां बहुत सारा पैसा इंवेस्ट कर रही हैं.
 
बढ़ती मांग के साथ साथ डाटा साइंटिस्ट की सैलरी भी बढ़ रही है. रिक्रूटमेंट कंसल्टेंट कंपनी ‘टीमलीज’ के अनुसार करीब 5 सालों के अनुभव वाले डाटा साइंटिस्ट की कमाई 75 लाख रुपये सालाना से ज्यादा होती है, जबकि इसी अनुभव में सीए की कमाई 8 से 15 लाख और इंजीनियर की कमाई 5 से 8 लाख रुपये होती है.
 
आईटी क्रांति के बाद से सोशल मीडिया के इस दौर में लोगों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए और अपनी पकड़ मजबूत बनाने के लिए कस्टमर्स से उनकी पसंद जानना काफी जरूरी हो गया है, जिसके लिए डाटा साइंस का महत्व भी बढ़ गया है. कंपनियां अपने रिसर्च और ऐनालिसिस विभाग को तेजी से बढ़ा रही है. डाटा साइंटिस्ट विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े डेटा को इकट्ठा करते हैं और उनका विश्लेषण करते हैं, जिसके आधार पर कंपनियां बिजनेस आगे बढ़ाने के लिए योजनाएं तैयार करती हैं.
 
टीमलीज सर्विसेज की सह संस्थापक और सीनियर वीपी ऋतुपर्णा चक्रवर्ती ने बताया कि भारत में अगले तीन सालों में 2,00,000 ऐनालिटिक्स प्रोफेशनल्स की डिमांड-सप्लाई होगी. उन्होंने कहा, ‘अकेले संयुक्त राज्य में 100 भर्तियों में से 40 डाटा साइंटिस्ट की होगी’. बता दें कि अमेरिका में डाटा साइंटिस्ट एक साल में करीब 1.30 करोड़ रुपये कमाते हैं.
 
भारत में अगले 3 सालों में 2 लाख डाटा साइंटिस्ट की भर्ती होने का अनुमान है. लेकिन जिस गति से डाटा साइंटिस्टों की मांग बढ़ रही है, उतनी तेजी से पाठ्यक्रम में बदवाव नहीं हुआ है. यह बात सिर्फ भारत में ही लागू नहीं होती बल्कि अन्य देशों में भी यही हाल है.