मुंबई. फार्माश्यूटिकल कंपनी फाइजर ने कॉरेक्स के प्रभाव को देखते हुए पूरे देश में कफ सीरप ‘कॉरेक्स’ बनाना और बेचना बंद कर दिया है. कंपनी ने सोमवार को एक नियामकीय सूचना जारी करते हुए कहा कि क्लोफेनिरामाइन मैलिएट और कोडीन सीरप के निश्चित खुराक संयोजन पर सरकार द्वारा पाबंदी लगाए जाने के बाद कंपनी ने इसे बंद करने का फैसला किया है.
 
कंपनी ने बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में दाखिल की गई सूचना में कहा कि आपको सूचित किया जाता है कि केंद्र सरकार ने 10 मार्च 2016 की अधिसूचना के जरिए क्लोफेनिरामाइन मैलिएट और कोडीन सीरप के निश्चित खुराक संयोजन का बेचने और वितरण करने के उद्देश्य से विनिर्माण करने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है.
 
बयान में कहा गया है कि इसे देखते हुए कंपनी ने तत्काल प्रभाव से अपनी कॉरेक्स दवा के विनिर्माण और बिक्री को बंद कर दिया है. कंपनी ने साथ ही कहा कि कंपनी हर उपलब्ध विकल्पों पर विचार कर रही है.
 
सीरप की बिक्री बंद करने से कंपनी की आय पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में उसने कहा कि कंपनी की आय और लाभ कमाने की क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. बता दें कि 31 दिसंबर 2015 को पूरा होने वाले नौ महीने में कॉरेक्स की रिकॉर्ड 176 करोड़ रुपये की बिक्री हुई है.