न्यूयार्क. क्या आप भी अपने दादा या दादी के भूलने की बिमारी से परेशान है. बार-बार उनकी जरुरी चीजें और चश्मा ढुंढ कर देने से परेशान हो चुके हैं, तो उनके लिए एक कंप्यूटर ले आईए चश्मा देने से छुट्टी मिल जाएगी.
 
आप सोच रहे होंगें दादा जी के चश्में और कंप्यूटर का क्या कनेक्शन है. बता दें कि अमेरिका में हुए एक रीसर्च से पता चला है कि जो बुजुर्ग कंप्यूटर ज्यादा यूज करते हैं. उनकी याददाश्त बनी रहती है, उनमें याददाश्त जानें का खतरा कम रहता है.
 
कंप्यूटर का एक्जैक्ट कनेक्शन
 
अमेरिकन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी के एक रिसर्च के मुताबिक जो बुजुर्ग कंप्यूटर, किताबें, वीडियो गेम्स, गार्डेनिंग या आर्किटेक करते हैं. उनमें और बुजुर्गों के मामले में याददाश्त जानें का खतरा 42 पर्सेंट कम हो जाता है.
 
बता दें कि यह रिसर्च मायो क्लीनिक स्टडी ऑफ एजिंग में 70 साल के 929 बुजुर्गों पर हुआ. वैज्ञानिकों का कहना है कि जो लोग मेंटली वर्क करते हैं उनमें याददाश्त जानें का खतरा कम हो जाता है. यह रीसर्च कनाडा के वंकूर में अप्रैल में होने वाले अमेरिकन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी के 68वें एनिवर्सरी  में किया गया.