नई दिल्ली. साइंस के मुताबिक सेक्स से मूड बेहतर और दिमाग टेंशनफ्री रहता है. इसके साथ ही हेल्दी लाइफ में सेक्स की अहम भूमिका बताई जाती है. सेक्स थेरपिस्ट इआन कार्नर के मुताबिक सेक्सुअल अट्रेक्शन और सेक्स की जरुरत ही सेक्सुअल रिलेशनशिप का आधार है. लेकिन यह सवाल बेहद अहम है कि सेक्स कितना करना चाहिए ? और सेक्स को किस हद तक करना चाहिए ?
 
किंजे इंस्टिटयूट के मुताबिक 18 से 29 साल की उम्र वालों को साल में 112 बार सेक्स करना चाहिए जबकि 30 से 39 साल की उम्र वालों को एक बार सेक्स करना चाहिए. लेकिन क्या आपको पता है इसका हेल्थ पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
कार्नर ने कहा कि रिलेशनशिप में ज्यादातर कपल हफ्ते में एक बार सेक्स करते हैं. कपल्स थेरपिस्ट बेरी मैकार्थी की भी इस पर सहमति है कि हफ्ते में एक या दो बार सेक्स हेल्दी लाइफ के लिए अच्छा है. 
 
कार्नर का कहना है कि हनीमून के टाइम में कपल्स के बीच सेक्स ज्यादा होता है. इस वक्त जब कपल्स साथ निकलते हैं तो सेक्स की कोई गिनती नहीं होती. क्योंकि यह मामला कुछ समय के लिए होता है. सेक्स की लत को लेकर दुनिया भर में बहस होती रहती है. कई लोगों का कहना है कि यह एक एक्सरसाईज कि तरह है तो कई लोगों का मानना है कि सेक्स की लत एक दिमागी प्रॉबल्म है. 
 
2013 में पब्लिश एक रिसर्च के मुताबिक ज्यादा सेक्स की चाहत एक किस्म की आदत है न की जरुरत. यदि ज्यादा सेक्स करने की लत को लोग इग्नोर करने के बजाय इसको सीरियस प्रॉबल्म समझ के डॉक्टर या थेरपिस्ट से कॉनटेक्ट करे तो इसकी भी दवा होती है. क्योंकि ज्यादा सेक्स करने से अच्छा है आप क्वॉलिटीफुल सेक्स करें.
 
सबसे ज्यादा जरुरी बात यह है कि सेक्स में आपको क्वॉन्टिटी चाहिए या क्वॉलिटी. कॉर्नर ने बताया कि सेक्स कितना से ज्यादा जरुरी यह है कि आप कितना उसे एनजॉय करते हैं. उन्होंने बताया यदि आप रोज सेक्स करते हैं तो इसमें एक शख्स दूसरे के मुकाबले ज्यादा संतुष्ट महसूस करता है जबकि सेक्स में दोनों का संतुष्ट होना ज्यादा मायने रखता है. यदि आपमें सेक्स की लत है तो मास्टरबेसन हेल्दी लाईफ के लिए बेहतर विकल्प है.