नई दिल्ली.  प्यार शब्द से शायद ही कोई इंसान अनजान होगा. अपने जज्बातों को शब्दों में बयां करने के लिए इस दिन का हर धड़कते हुए दिल को बेसब्री से इंतजार होता है. जी हां, हम बात कर रहे हैं आशिको के दिन की यानि ‘वेलेंटाइन-डे’ की.
 
क्यों खास है वेलेंटाइन डे
 
14 फरवरी को मनाया जाने वाला यह दिन सभी देशों में अलग-अलग तरह से और अलग-अलग विश्वास के साथ मनाया जाता है. कुछ देशों में तो इस दिन से पूरे एक महीने तक लोग अपने प्यार का इजहार करते हैं और एक-दूसरे को गिफ्ट व फूल देकर अपनी फीलिंग्स का इजहार करते हैं.
  
अगर हम भारत में वेलेंटाइन डे की बात करें तो इस दिन चारों ओर यहां सिर्फ प्यार की ही गुंज सुनाई पड़ती है. पार्क से लेकर मॉल तक हर जगह मानो इश्क परवान पर चढ़ा हो. इस दिन प्यार करने वाले एक दूसरे से अपने दिल की बातें कहते हैं. प्यार का क्रेज इस कदर बढ़ा कि वेलेंटाइन-डे से 7 दिन पहले से ही प्यार करने वाले अलग अलग दिन के रूप में इसको मनाते हैं. जैसे , रोज डे, प्रपोस डे ,चोकलेट डे ,टेडी डे ,प्रॉमिस डे, हगडे और किस डे.
 
किसी को अपने दिल की बात बोलनी होती है, तो वह इस वीक का इंतजार करता है और रोज डे के दिन पीला गुलाब देकर दोस्ती की शुरूआत करता है. फिर अगले दिन प्रपोस करता है. फिर चॉकलेट देकर चोकलेट डे मनाता है उसके अगले दिन टेडी देता है. फिर प्रॉमिस डे के दिन अपने दिल से एक प्रोमिस करता है, फिर आगे हग, किस और वैलेंटाइन डे मनाते है. 
 
14 फरवरी को क्यों मनाया जाता है वेलेंटाइन डे
 
14 फरवरी को ही वेलेंटाइन डे मनाने के पीछे एक रोचक कहानी है. बताया जाता है कि सेंट वेलेंटाइन ने अपनी मृत्यु के समय जेलर की नेत्रहीन बेटी जैकोबस को नेत्रदान किया और जेकोबस को एक पत्र लिखा, जिसमें अंत में उन्होंने लिखा था ‘तुम्हारा वेलेंटाइन’. यह दिन था 14 फरवरी, जिसे बाद में इस संत के नाम से मनाया जाने लगा और वेलेंटाइन-डे के बहाने पूरे विश्व में इस दिन प्यार का इजहार करने की परंपरा शुरू हो गई.