नई दिल्ली. हर शादीशुदा जोड़ा यही चाहता है कि उनकी शादीशुदा जिंदगी खुशहाल और लंबी चले , लेकिन किसकी शादी कितनी कामयाब रहेगी ये कोई नहीं बता सकता. एक रिसर्च के मुताबिक यह जानने की कोशिश कि गई कि कामयाब शादी के पीछे क्या-क्या कारण हो सकते है. रिसर्च में यह बात सामने आई है कि भारत के उत्तर राज्यों में रहने वाले लोगों की शादीशुदा जिंदगी ज्यादा कामयाब रहती है, दूसरे राज्यों के मुकाबले.
 
एक रिसर्च के अनुसार भारत में नॉर्थ इंडिया में शादियां लंबी चलती हैं और नॉर्थ इस्ट इंडिया में कम लंबी. नॉर्थ स्टेट की बात करें तो पंजाब से लेकर बिहार तक और पश्चिम के महाराष्ट्र में 11 से 12 फीसदी जोड़ों की शादियां 40 साल या इससे ज्यादा समय तक चलती हैं. ये आंकडे 2011 की जनगणना के हैं. वहीं नॉर्थ इस्ट इंडिया की बात करें तो वहां इतनी लंबे समय तक सिर्फ 7 फीसदी शादियां चलती हैं. मेंघालय में तो केवल 4.1 फीसदी जोड़े ही 40 साल या इससे ज्यादा से विवाह के बंधन में हैं. यह आंकड़ा हरियाणा या महाराष्ट्र जैसे राज्यों का एक तिहाई है.
 
पूरे देश की बात करें तो 10 फीसदी जोड़े ऐसे हैं, जिनकी शादी इतने लंबे समय तक चली है. समाजशास्त्रियों का कहना है कि इसका प्यार या वफादारी से ज्यादा रिवाजों और स्वास्थ्य से लेना देना है. शादी के लंबा चलने में दो चीजों का अहम योगदान होता है. किसी उम्र में शादी हुई है और जोड़े कितना लंबा जीते हैं. अब सभी जगहों पर औसत उम्र बढ़ रही है तो शादीशुदा जीवन भी लंबा चल रहा है. समाजशास्त्रियों के मुताबिक देशभर में भी शादियों लंबी और छोटी रहने की यही वजह है.
 
उत्तरी भारत के ज्यादातर हिस्सों में पारंपरिक रुप से शादी की उम्र कम होती है. यह चलन भी धीरे-धीरे बदल रहा है. जल्दी शादी होना और लंबे जीवन से औसत शादी की उम्र बढ़ जाती है. भारत में तलाक दर अब भी काफी कम है. यह कुल शादियों का केवल 1.1 फीसदी है.
 
हालांकि, पूर्वोत्तर राज्यों में उल्टा चलन है. हरियाणा में 21फीसदी मर्दों की शादी 21 साल से पहले हो जाती है, जबकि मेघालय में यह आंकड़ा केवल 11फीसदी है. इसी तरह हरियाणा में 38 फीसदी महिलाओं की शादी 18 साल से पहले हो जाती है. जबकि मेघालय में आंकड़ा 15 फीसदी है. गुवाहाटी यूनिवर्सिटी के प्रफेसर बिमल कर ने कहा है कि शादी के 40 सालों से कम चलने की वजह शादी देर से होना और कम समय तक जीना है.