नई दिल्ली. ऑर्कुट और फेसबुक के बाद अब कई तरह के एप्प के जरिए नई पीढ़ी के लोग मोहब्बत की ऑनलाइन तलाश कर रहे हैं. कुछ सफल हो रहे हैं, कुछ नाकाम लेकिन इन सबके बीच इस तरह के एप्प लगातार बढ़ रहे हैं.
 
डेटिंग एप्प ‘वू’ के मुताबिक फेस्टिव सीजन के दौरान लव की ऑनलाइन तलाश में खासी बढ़ोतरी हो जाती है. इस दौरान लोग डेटिंग एप्प को भारी संख्या में डाउलोड करते हैं. वू के सीईओ सुमेश मेनन ने कहा, “पिछले फेस्टिव सीजन के दौरान वू ने साइन अप में तीन गुना और मैच-मेकिंग में दोगुनी बढ़ोतरी दर्ज की.”
 
 
दिवाली से वेलेंटाइन डे तक बढ़ जाता है एप्प डाउनलोड
 
मेनन ने कहा, “फेस्टिव सीजन के दौरान खुशनुमा मिजाज की वजह से लोगों को साथी ढूंढने में मदद मिलती है. छुट्टियां होने के कारण वे एप्प पर ज्यादा समय दे पाते हैं जिससे उन्हें और आसानी होती है.”
 
उन्होंने कहा, “हालांकि लोग सालों भर मोहब्बत में पड़ते हैं लेकिन फेस्टिव सीजन में मोहब्बत की तड़प थोड़ी ज्यादा होती है. दो साल से हम नोटिस कर रहे हैं कि फेस्टिव सीजन के आसपास एप्प डाउनलोड बढ़ जाता है जो फरवरी में वेलेंटाइन डे के बाद तक जारी रहता है.”
भारत में ‘टिंडर’, ‘थ्रिल एण्ड ओके क्यूपिड’ जैसी डेटिंग साइट्स और एप्प भी बढ़िया चल रही हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि डेटिंग साइटों पर करीब 2 करोड़ लोग मौजूद हैं और इनकी संख्या लगातार बढ़ ही रही है.
 
 
कोई गर्लफ्रेंड खोज रहा है तो कोई पति
 
मुंबई में सेल्स का काम देखने वाली 27 साल की नंदिनी) ने कहा, “जब परिवार के लोग साथ जुटते हैं तो मेरी शादी की बात उठती है. मेरे बहनोई ने मेरे मोबाइल पर वू डाउनलोड कर दिया है. इस पर कई लोगों से बातचीत हुई है और मैं सही साथी की तलाश में हूं.”
 
दिल्ली में पीआर सेक्टर में काम करने वाले 23 साल के वैभव मिश्रा ने कहा, “गर्लफ्रेंड की ऑनलाइन तलाश शुरुआत में मुझे मजाकिया लगा लेकिन बाद में यह सीरियस अफेयर में तब्दील हो गया. मैंने इस एप्प की मदद से एक अच्छी गर्लफ्रेंड ढूंढ़ ली है.”