नई दिल्ली. सर्दियों में सबसे ज्यादा परेशानी कफ एंड कोल्ड से होती है. इससे बचने के लिए हम कई तरह की दवाएं लेते हैं जिसके साइड इफेक्ट्स होते हैं. रिपोर्ट्स के मुुताबिक 2 साल से कम उम्र के बच्चों को कफ एंड कोल्ड की दवा देना सुरक्षित नहीं माना जाता है.
 
क्या है चिंता की बात?
 
अक्सर हम डॉक्टर्स से पूछे बिना बच्चों को दवा देते हैं जो जिनके साइड इफेक्टस से हम वाकिफ नहीं होते हैं. इसलिए बच्चों को ये दवा बिना डॉक्टरी सलाह के बिल्कुल न दें. फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी एफडीए 2 साल से कम उम्र के बच्चों को कफ एंड कोल्ड की दवा देने से मना करता है.
 
छोटे बच्चों को होती है ये परेशानी
 
एफडीए एक्सपर्ट का मानना है कि कफ एंड कोल्ड की दवा से कोल्ड की परेशानी जल्दी खत्म नहीं होती. साइड इफेक्ट की आशंका बढ़ जाती है. अगर बच्चों को कफ एंड कोल्ड की दवाएं दी जा रही हैं तो फिर लेबल पर लिखे निर्देशों को ध्यान से पढ़ें.
 
कभी भी बच्चे को एक साथ एक जैसे एक्टिव इन्ग्रीडिएंट्स वाली दो दवाएं न दें जैसे एंटीहिस्टामाइन, डिकॉन्जेस्टेंट या पेन रिलीवर क्योंकि इससे एक ही इन्ग्रीडिएंट्स के ओवरडोज का खतरा बना रहता है.
 
एंटीबायोटिक्स का क्या होता है असर?
 
बैक्टीरियल इन्फेक्शन से लड़ने के लिए एंटीबॉयोटिक्स दी जाती है लेकिन उसका असर वायरस पर नहीं पड़ता. अगर आपके बच्चे को कोल्ड की परेशानी है तो याद रखिए एंटीबॉयोटिक्स मदद नहीं कर सकते. ऐसे में बच्चे को आप एंटीबॉयोटिक देंगे तो आगे उन्हें एंटीबॉयोटिक्स से ना रुकने वाले इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाएगा.
 
ऐसे मिलेगी कफ एंड कोल्ड से राहत
  • पानी, जूस और शोरबा छाती और गले की जकड़न को दूर करने में मदद करते हैं
  • बड़े बच्चों के लिए ओवर द काउंटर सलाइन नैजल ड्रॉप या सलाइन स्प्रे का इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे जमे हुए बलगम हल्के हो जाते हैं और बच्चों को सांस लेने में आसानी होती है. 
  • बड़े बच्चों को नमक मिले गुनगुने पानी से गारगलिंग करवानी चाहिए या फिर गले की खराश को दूर करने वाली कैंडी भी दे सकते हैं. छोटे बच्चों के लिए हार्ड कैंडी अच्छा विकल्प नहीं है.