भोपाल. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रविवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के एक आश्रम में रह रहे पाकिस्तान युवक रमजान से मुलाकात की. इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत चाहता है कि रमजान का अपनी मां से मिलन हो जाए. सुषमा ने कहा कि जैसे ही पाकिस्तान तैयार होता है रमजान को उसके घर भेज दिया जाएगा.
 
पाक नहीं मान रहा रमजान उसका नागरिक
सुषमा ने अपने आवास पर रमजान से मुलाकात करने के बाद संवाददाताओं से कहा, “भारत चाहता है कि रमजान की कराची में उसकी मां से मुलाकात हो जाए. इसके लिए पाकिस्तान को स्वीकार करना होगा कि रमजान उसका नागरिक है. दस्तावेज नहीं होने पर भी भारत सरकार रमजान की मां को वीजा देने को तैयार है. ” 
 
सुषमा ने एक सवाल के जवाब में कहा, “पाकिस्तान सरकार या उसके किसी अधिकारी ने रमजान के लिए किसी तरह की पहल नहीं की है. जहां तक गीता की बात है, भारत सरकार पहल कर उसे पाकिस्तान से वापस लाई है. इस तरह की रमजान के मामले में पाक की ओर से पहल नहीं की गई है.” सूत्रों के अनुसार, सुषमा सोमवार को इंदौर जा रही है, जहां वह गीता से मुलाकात करेंगी. गीता पाकिस्तान से आने के बाद इंदौर में ही है और उसके परिवार का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है.
 
क्या है रमजान की कहानी
रमजान की उम्र इस समय लगभग 14 साल है, और उसकी कहानी गीता से अलग है। सूत्रों के अनुसार, रमजान कराची का निवासी है। उसकी मां और पिता के बीच अनबन के बाद तलाक हो गया और पिता बांग्लादेश चला गया। साथ ही अपने साथ रमजान को भी ले गया। बांग्लादेश में उसने दूसरी शादी कर ली। सूत्रों के अनुसार, रमजान को जब सौतेली मां परेशान करने लगी तो वह वहां से भाग लिया और विभिन्न मागरें से होते हुए भोपाल पहुंचा। यहां वह गैर सरकारी संगठन, चाइल्ड लाइन के आश्रम में है।