नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती सईद ने भारत-पाकिस्तान के बीच एनएसए वार्ता रद्द होने पर निराशा जताई है जबकि उनके पूर्ववर्ती फारूक अब्दुल्ला ने अलगाववादियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया. दूसरी ओर अलगाववादियों ने इसके लिए भारत को ही दोषी ठहरा दिया. फारूक अब्दुल्ला के बेटे और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस पर निराशा जताते हुए कहा कि पिछले वर्ष के प्रस्तावित वार्ता के अनुभव से उनको यही उम्मीद थी तब भारत ने हुर्रियत के मुद्दे पर विदेश सचिव स्तर की वार्ता रद्द कर दी थी. 
 
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मुहम्मद सईद ने उम्मीद जताई कि वार्ता का टूटना अस्थायी होगा. मुख्यमंत्री ने परोक्ष तौर पर पाकिस्तान और अलगाववादियों को भी नसीहत देते हुए कहा, ‘एनएसए जैसी सभी द्विपक्षीय वार्ताओं में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से समग्र भागीदारी के लिए जोर देना अपेक्षित नहीं है.’ उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की द्विपक्षीय वार्ता के अचानक रद्द हो जाने से वह निराश हैं और उन्हें उम्मीद है कि वार्ता का टूटना अस्थायी होगा और उफा में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने जो सिलसिला शुरू किया था वह व्यर्थ नहीं जाएगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत और पाकिस्तान जल्द ही सार्थक वार्ता शुरू करेंगे और संबंधों को सामान्य करने में नयी दिल्ली ने जो पहल की है उस पर इस्लामाबाद की प्रतिक्रिया सकारात्मक होगी. सईद ने कहा कि वह चाहते हैं कि दोनों देश विश्वास की खाई को पाट दें.
एजेंसी इनपुट भी