नई दिल्ली. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मुद्दा मोदी सरकार और बीजेपी के लिए कितना अहम है ? ये सवाल इसलिए उठाया जा रहा है क्योंकि इस मसले पर पिछले कुछ दिनों से पार्टी नेताओं और सरकार के मंत्रियों की अलग अलग राय सुनने को मिल रही है. कोई कह रहा है कि मंदिर इसी सरकार के कार्यकाल में बनेगा तो कोई मंदिर से ज्यादा विकास को प्राथमिकता बताने में लगा है.  

इन सबके बीच हिंदूवादी संगठनों का दावा है कि जून में मंदिर बनाने की तारीख और योजना का ऐलान कर दिया जाएगा. सवाल ये उठता है कि अगर ऐसा हुआ तो मोदी सरकार का स्टैंड क्या होगा ? क्योंकि पार्टी तो साफ साफ कह चुकी है कि सरकार के पास सदन में इतनी सीटें नहीं कि राम मंदिर बनाया जा सके. आखिर राम मंदिर पर सरकार की मंशा क्या है ?