नई दिल्ली: गुरु मंत्र, ज्योतिष शास्त्र में बुध का एक महत्वपूर्ण स्थान है और इसे एक शुभ ग्रह माना जाता है. बुध का मतलब होता है गोल. पूरे ब्रह्मांड में कोई भी ग्रह होता वो गोल ही होता है लेकिन आपने कभी सोचा है कि ग्रह गोल क्यों होते हैं वो लंबे या चकोर क्यों नहीं होते. इसके अलावा पूरे ब्रह्मांड का जो खाली हिस्सा है वो भी गोल है और हर ग्रह की जो गोलाई है वो भी गोल है. यानि की ये पूरा ब्रह्मांड बुध से ही चलता है और बुध का ही रूप है और बुध के ही खालीपन से भरा हुआ है, हर चीज के अंदर बुध है.

बुध के बिना ज्योतिष की कल्पना भी नहीं की जा सकती है. आप कैसा बोलते हैं, कैसा व्यव्हार करते हैं, आपका व्यक्तित्व और बुद्धि कैसी है यह सब बुध पर ही निर्भय करता है. जन्मकुंडली के अंदर सबसे बड़ी ताकत सिर्फ और सिर्फ बुध है.

अगर आपकी कुंडली के अंदर पांचवें घर के साथ में चंद्र और बुध का संबंध बन जाए या चंद्रमा धन भाव में बैठे हों और कर्म स्थान में बुध बैठे हों या बुध धन भाव में बैठे हों और चंद्रमा शुभ राशि में बैठे हों तो ये योग बहुत ही उत्तम होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुंडली का बुध कैसे दिलाएगा आपको शुभ फल, बुध को शांत करने के लिए क्या दान करें, कुंडली में बुध की महादशा के प्रभाव और उपाय और सेहत और सुंदरता बढ़ाने वाले बुध के उपाय इन सभी सवालों का जवाब दे रहे हैं एस्ट्रो साइंटिस्ट जीडी वशिष्ठ इंडिया न्यूज के खास प्रोग्राम गुरु मंत्र में.

गुरु मंत्र: सेहत और सुंदरता बढ़ाने वाले बुध ग्रह के अचूक उपाय

गुरु मंत्र: नौकरी-कारोबार में तरक्की दिलाने वाले बृहस्पति ग्रह के अचूक उपाय