नई दिल्ली. जन्मकुंडली मनुष्य के जीवन का पूर्ण खाका होती है. कुंडली में ग्रहों की स्थिति अच्छी होना तो आवश्यक है ही, भाग्य से संबंधित ग्रहों का शुभ होना और उनकी दशा-महादशा का सही समय पर व्यक्ति के जीवन में आना भी उतना ही आवश्यक होता है.

प्रत्येक व्यक्ति की कुंडली में नवम भाव को भाग्य भाव माना जाता है. इस भाव में जिस राशि का आधिपत्य होता है, उसके अनुसार भाग्योदय का वर्ष तय किया जाता है.

इंडिया न्यूज़ के खास शो ‘गुडलक गुरू’ में अध्यात्मिक गुरू पवन सिन्हा आपको बताएंगे भाग्योदय के उपाय और कैसे चमकाएं अपना भाग्य.

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