नई दिल्ली. किसी हल्की झुंझलाहट से लेकर किसी स्थिति पर होने आने वाले तेज रिएक्शन को गुस्से के तौर पर परिभाषित किया जा सकता है. ये दिमाग को उत्तेजित अवस्था में रखते हैं, जिससे दिमाग में विचारों का प्रवाह बेचैनी के साथ और बेहद तेज स्पीड से होने लगता है. जिंदगी में ठहाकों की कमी न होने दें,
 
अपने आपको ज्यादा टाइम शांत रखने की कोशिश रखें. ज्यादा गुस्सा करने वाले लोग धीरे-धीरे कमजोर पर जाते है और उनका शरीर कई बिमारियों का घर बन जाता है. गुस्से से कैसे बचें बताएंगे अध्यात्मिक गुरु पवन सिन्हा इंडिया न्यूज के शो गुडलक गुरु में
 
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