नई दिल्ली. बृहस्पति और राहु जब साथ होते हैं या फिर एक दूसरे को किन्ही भी भावो में बैठ कर देखते हो, तो गुरू चाण्डाल योग निर्माण होता है. चाण्डाल का अर्थ निम्नतर जाति है. कहा गया कि चाण्डाल की छाया भी ब्राह्मण को या गुरू को अशुद्ध कर देती है.
 
इससे यह आशय है कि अगर बृहस्पति और राहु एक साथ किसी व्यक्ति के कुंडली में प्रवेश करते है तो वह व्यक्ति के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. लेकिन इससे भी बचने के कई उपाए बताएंगे अध्यात्मिक गुरु पवन सिन्हा इंडिया न्यूज खास शो गुडलक गुरु में.
 
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