नई दिल्ली. अपने पैरों पर खड़े होने के बाद हर इंसान का पहला सपना होता है एक मकान खरीदना, लेकिन इस सपने को पूरा करने की लोगों में इतनी हड़बड़ी होती है कि वो फ्लैट के बेसिक कॉस्टिंग के अलावा हिडेन कॉस्ट पर ध्यान नहीं देते हैं. ऐसे में डील फाइनल होने के बाद पता चलता है कि उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. जाहिर है इस वजह से आपके हाथ गलत चीज तो लगती ही है साथ ही आपको अच्छी खासी रकम का चूना भी लग जाता है.
 
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एडीशनल कॉस्ट की के बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं. ये वो रकम है जो बिल्डर ग्राहकों से घर की बुकिंग के समय छुपाता है और बाद में ग्राहकों 1 नहीं 2 नहीं बल्कि 24 लाख रूपये तक का झटका लग जाता है. यही वजह है इन एडीशनल कॉस्ट की जानकारी होना जरुरी है
 
नोएडा में रहने वाली फैशन डिजाइनर प्रकृति पुरी को घर की खीरदी काफी भारी पड़ गई. जी हां, प्रकृति ने साल 2008 में घर बुक करवा तो लिया, लेकिन पहले बिल्डर की डीले से माथापच्ची, फिर बिल्डर का तकरीबन घर के पज़ेशन के समय 18 लाख रूपये का अतरिक्त कॉस्ट का बिल. प्रकृति को झटका देने के लिए काफी था. आज आलम ये है कि प्रृकति इस मुसीबत को ना तो आप निगल पा रहे थे और ना ही उगल पा रही हैं. और तो और आज बिल्डर बायर एग्रीमेंट को बिना पढ़े साइन करने का खमियाजा भी ये उठा रही हैं. प्रकृति अकेली नहीं हैं, इनके जैसे सैंकड़ों ग्राहक बिल्डर्स के क्लॉजेस के शिकार हुए हैं.
 
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इंडिया न्यूज़ के खास शो घर एक सपना में देखिए उन ग्राहकों की कहानी जो एडिशनल कॉस्ट के शिकार हुए हैं.