नई दिल्ली. 29 तारीख को देश के वित्तमंत्री ने बजट पेश किया..कुछ घोषणाए निराशा लेकर आई. कुछ ने गुस्सा दिलाया. कुछ बहस का मुद्दा बनी औऱ कुछ ने मुस्कुराने का मौका दिया. जो लोग घर का सपना देख रहे थे. उन्हे भी खुश होना चाहिए. खासकर उन लोगों को ज्यादा खुश होना चाहिए जिनके पास अभी तक अपना घर नहीं था और जो किराए के मकान में रह रहे थे.

इसके अलावा भी रियल स्टेट के लिए वित्त मंत्री ने कुछ अहम घोषणाए की. घर एक सपना में आज हम आपको बारी बारी से बताएंगे कि कहां इस बजट ने आपको निराश किया और कहां मुस्कुराने का मौका दिया. साथ ही कब और कैसे आप प्रापर्टी के बाजार में पैसा लगाकर मुनाफा कमा सकते है.

अफोर्डेबल हाउंसिंग पर सरकार का शुरु से ही जोर रहा है. देश के प्रधानमंत्री मोदी ने सत्ता संभालते ही ये ऐलान किया था कि..2022 तक सभी को आवास मिलेगा. साल 2022 तक का रोड मैप तो सरकार की प्लानिंग का हिस्सा है लेकिन हमारा और आपका इन्ट्रेस्ट वित्त मंत्री की उस घोषणा में है जो उन्होने इस बजट में की.

35 लाख के लोन पर 50 हजार की छूट एक तरह से बड़ी खुशखबरी है. वित्तह मंत्री की इस घोषणा से देश के लाखों लोगों का घर का सपना सच हो सकता है. अब जरा वित्त मंत्री की इस घोषणा को अच्छी तरह समझिए.

अगर आपने पहले ही मकान खरीद लिया है और दूसरा एक और मकान खरीदना चाहते है तो वित्त मंत्री जेटली की ये सौगात आपके लिए नहीं है. दरअसल ये खुशखबरी पहली बार मकान खरीद रहे लोगों के लिए है.

फर्ज करिए आपने पचास लाख का एक घर बुक कराया. अगर आप लोन लेकर ये मकान लेना चाहते है तो जाहिर है इस मकान के लिए आपको 35 लाख तक का लोन मिलेगा. बाकी का अमाउंट आपको अपने पास से देना होगा.

Section 80 EE के तहत जब आप रिटर्न फाइल करेंगे तो आपको होम लोन के ब्याज में 50,000 रुपये सालाना की अतिरिक्त छूट मिलेगी. यानि अभी तक अगर आप आयकर में आप 2.50 लाख की छूट लेते थे. उसमें अब 50 हजार और जुड़ जाएंगे. यानि कुल तीन लाख की छूट. यहां ग्राहकों को ये ध्यान रखना चाहिए कि ये छूट होम लोन की इंट्रेस्ट पेमेंट पर है.

इसे ग्राहक सीधे फायदे के तौर पर देखे और हिसाब लगाए तो ये भी कहा जा सकता है कि होम लोन पर जो 9.5 परसेंट की फिल्हाल इन्ट्रेस्ट रेट है उसमें ग्राहकों को 9.4 परसेंट का इंट्रेस्ट देना होगा जो कि सालाना ग्राहकों को करीब 2500 हजार का फायदा दिलाएगा.

बड़े शहरों में फ्लैट की औसतन कीमत 50-70 लाख रुपये के बीच है. ऐसे में 50 लाख रुपये तक के मकान पर रियायत देने का खास फायदा बड़े शहरों में मकान लेने वालों को नहीं होने वाला. लेकिन जेटली के इस ऐलान के बाद एक परिवर्तन एक पहल जरुर शुरू होगी और वो ये कि बिल्डर्स अब बड़े शहरों में भी 50 लाख रुपये तक के मकान बनाने पर भी जोर देंगे.

रियल एस्टेट कंपनियों को भी पता है कि किसी भी प्रोजेक्ट में सस्ते घर सबसे पहले बिकते हैं और घरों का पहले बिकना बिल्डर की आज की सबसे बड़ी जरुरत है. क्योकि बिल्डर जल्दी से जल्दी घर बेचकर नकदी की किल्लत से निपटना चाहते हैं.

इसी वजह से बिल्डर्स ने सरकारी योजना के तहत सस्ते घर बनाने शुरू भी कर दिए है. बिल्डर्स ने कदम बढाए है तो सरकार ने भी बिल्डरों का साथ दिया है. खासकर राज्य सरकारें बिल्डरों को सस्ते घर बनाने के लिए एफएआर और डेनसिटी नॉर्म्स में रियायते दे रही है. ताकि सस्ते घर ज्यादा से ज्यादा संख्या में बनाए जा सके.

अफोर्डेबल हाउसिंग और हर किसी को घर के सपने को सच करने के लिए दिल्ली, मुंबई, उत्तर प्रदेश, हरियाणा समेत कई राज्यों ने पहल की है. दिल्ली में डीडीए सस्तें घर बना रही है. वहीं उत्तर प्रदेश में समाजवादी आवास योजना के तहत भी हज़ारों की संख्या में सस्ते घर बनाए जाने की घोषणा की गई है.

हरियाणा की बात करें तो गुड़गांव में कई बड़े बिल्डर्स सरकारी स्कीम के तहत इस तरह के सस्ते प्रोजेक्ट्स बना रहे हैं. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के नवी मुंबई में भी सस्ते घर बनाए जा रहे हैं.

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