लखनऊ. लाखों लोग इस देश में अपनी जिंदगी भर की कमाई को दांव पर लगाकर घर खरीदते हैं. यहां तक कि किराए के घर में रहते हुए एक मोटा अमाउंट बिल्डर को देते हैं. बैंक से लोन लेकर ईएमआई बंधवाते हैं इस उम्मीद में कि बिल्डर जल्दी से जल्दी पजेशन देकर किराए के घर से मुक्ति दिलाएगा होता यह है कि हालात वहीं के वहीं होते हैं. लेकिन लखनऊ की खबर ने इस पूरी कहानी में ट्विस्ट लाया है जिससे देश भर के बिल्डरों की नींद हराम कर दी है.
 
लखनऊ में तय वक्त में पजेशन नहीं दे पाने की वजह से देश की सबसे बड़ी कंज्यूमर अदालत नेशनल कंस्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन (एनसीडीआरसी) ने पार्श्वनाथ जैसे नामी डेवलपर को तगड़ा झटका दिया है.
 
जानिए हुआ क्या ?
 
लखनऊ में प्लैनेट प्रोजेक्ट में सैकड़ो लोगों ने घर बुक कराया जिसमें बिल्डर्स की सारी शर्ते मानी. लेकिन प्लैनेट प्रोजेक्ट को डेवलप करने वाले पार्श्वनाथ ने पजेशन का पंगा फंसा दिया. हुआ यह कि तय समय पर ग्राहकों को मकान नहीं दिया गया.
 
अपने हक की मांग को लेकर लड़ाई लड़ रहे ग्राहकों ने पार्श्वनाथ की लेटलतीफी से तंग आकर उसकी शिकायत एनसीडीआरसी में की. एनसीडीआरसी ने ग्राहकों के हक में फैसला दिया और पार्श्वनाथ पर बड़ा जुर्माना ठोक दिया. आयोग ने अपने फैसले में कहा कि पार्श्वनाथ डेवेलपर्स को प्रॉजेक्ट में देरी होने पर फ्लैट खरीदने वाले ग्राहकों को हर महीने हर्जाना देना होगा.