नई दिल्ली: आज के फैमिली गुरु शो में मकर संक्रांति 2018 से जुड़े विषय पर चर्चा की जाएगी. पौष मास के शुक्ल पक्ष में इस पर्व को मनाया जाता है. मकर संक्रांति से ही सूर्य देव धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं जो शुभ माना गया है. मकर संक्रांति पर दान और स्नान करने का महत्व है. जिंदगी में समस्याएं आपका पीछा नहीं छोड़ रही हैं तो आज फैमिली गुरु शो में जय मदान आपको 5 महाउपाय बताएंगी जो आपकी जिंदगी बदल कर रख देंगे.

पहला महाउपाय

जन्मकुंडली में सूर्य संबंधी होने वाली समस्याएं आ रही हैं तो आइए जानते हैं पहला महाउपाय. मकर संक्रांति के दिन सूर्य यंत्र की स्थापना कर पूजन करें तो इससे उनकी कुंडली के दोष कम होते हैं और विशेष लाभ की प्राप्ति होती है. आइए जानते हैं कि किस प्रकार सूर्य यंत्र की स्थापना करनी चाहिए: मकर संक्रांति के दिन सबसे पहले सुबह उठकर नित्य कर्मों से निपटकर सूर्य देव को प्रणाम करें. इसके बाद सूर्य यंत्र को गंगाजल व गाय के दूध से पवित्र करें. अब इस यंत्र का विधिपूर्वक पूजन करने के बाद सूर्य मंत्र का जप करना चाहिए.

मंत्र: ऊँ घृणि सूर्याय नम:।

दूसरा महाउपाय

मकर संक्रांति का दूसरा महाउपाय, अगर आपकी किस्मत का दरवाजा नहीं खुल रहा है तो मकर संक्रांति के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें, इसके बाद सूर्य को तांबे के लोटे से जल का अध्र्य दें. पानी में कुंकुम तथा लाल रंग के फूल भी मिला लें, अध्र्य देते एक बात का खास ख्याल रखना है और वह ये है कि आप ऊँ घृणि सूर्याय नम: मंत्र का जप करते रहें. ऐसा करने से सूर्य को अध्र्य देने से मन की हर इच्छा पूरी हो जाती है और किस्मत के दरवाजे खुल जाते हैं.

तीसरा महाउपाय

क्या आपकी कोई इच्छा पूरी नहीं हो रही, तो आइए आपको बताते हैं कि ज्योतिष अनुसार आपको मकर संक्रांति पर क्या करना चाहिए. मकर संक्रांति पर तांबे का सिक्का या तांबे का चौकोर टुकड़ा बहते जल में प्रवाहित करें, माना गया है कि ऐसा करने से कुंडली में स्थित सूर्य दोष कम होता है. इसके साथ-साथ लाल कपड़े में गेहूं व गुड़ बांधकर दान देने से हर इच्छा पूरी होती है.

चौथा महाउपाय

क्या आपकी जिंदगी से दुख दूर नहीं हो रहे हैं, तो आपको मकर संक्रांति वाले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद पूर्व दिशा में मुख करके कुश के आसन पर बैठना चाहिए. अपने सामने बाजोट (पटिए) पर सफेद वस्त्र बिछाएं और उसके ऊपर सूर्यदेव का चित्र या प्रतिमा स्थापित करें. इसके बाद सूर्यदेव का पंचोपचार पूजन करें और गुड़ का भोग लगाएं, एक बात का खास ख्याल रखें और वह ये है कि पूजा में लाल फूल का इस्तेमाल जरूर करें. इसके बाद लाल चंदन की माला से नीचे लिखे मंत्र का जप करें. एक बात याद रखें कि कम से कम 5 माला जप अवश्य करें.

मंत्र- ऊँ भास्कराय नम:

पांचवा महाउपाय

क्या परिवार में दिक्कते ही दिक्कत है जो दूर नहीं हो रही. अगर हां तो मकर संक्रांति वाले दिन जल्दी उठें, इसके बाद भगवान सूर्य को अध्र्य दें. अब पूर्व दिशा की ओर मुख करके कुश के आसन पर बैठकर रुद्राक्ष की माला से इस मंत्र का जप करें, कम से कम 5 माला जप अवश्य करें.

मंत्र- ऊँ आदित्याय विदमहे दिवाकराय धीमहि तन्न: सूर्य: प्रचोदयात

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