नई दिल्ली. आश्विन मास के शुक्लपक्ष की पूर्णिमा के दिन शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है. इस पूर्णिमा पर महालक्ष्मी की आराधना कर व्रत भी किया जाता है. इस बार यह व्रत 15 अक्टूबर, शनिवार को है. धर्म शास्त्रों के अनुसार, जो मनुष्य शरद पूर्णिमा का व्रत विधि-विधान तथा पूर्ण श्रद्धा से करता है उस पर माता लक्ष्मी की कृपा होती है तथा वह दीर्घायु होता है. 
 
कैसे करें शरद पूर्णिमा
शरद पूर्णिमा की सुबह स्नान आदि करने के बाद अपने आराध्य देव की षोडशोपचार पूजा करें. अगर स्वयं न कर पाएं तो किसी योग्य ब्राह्मण से पूजा करवाएं. आधी रात के समय के दूध से बनी खीर का भोग भगवान को लगाएं. खीर से भरे बर्तन को रात में खुली चांदनी में रखना चाहिए.