मुंबई. बॉलीवुड की मशहूर हस्ती किशोर कुमार को भला कौन नहीं जानता. अपनी पीढ़ी से लेकर आज की पीढ़ी तक किशोर कुमार की आवाज लोगों के कानों तक गूंजती है. किशोर कुमार जब 18 साल की उम्र में बंबई पहुंचे थे तो उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि वह हिंदी सिनेमा के सबसे मशहूर गायक बनेंगे.

उस समय वह महान अभिनेता एवं गायक केएल सहगल से प्रभावित थे. उन्हीं से मिलने वह अपने बड़े भाई अशोक कुमार(जो बतौर अभिनेता उस समय अपनी पहचान बना चुके थे) के पास आएं. किशोर के बड़े भाई की इच्छा थी कि किशोर कुमार अभिनेता बने इसलिए किशोर ने पहले अभिनय किया फिर धीरे-धीरे गायन के क्षेत्र से जुड़ते रहे. बतौर गायक सबसे पहले उन्हें वर्ष 1948 में बाम्बे टाकीज की फिल्म ‘जिद्दी’ में सहगल के अंदाज मे हीं अभिनेता देवानंद के लिये ‘मरने की दुआएं क्यूं मांगू’ गाने का मौका मिला.

देखिए, किशोर कुमार की याद में इंडिया न्यूज का स्पेशल शो: