नई दिल्ली. सलमान की फिल्मों में सलमान ही ब्रांड होते हैं और इसी ब्रांड के कारण सलमान की फ़िल्में रिलीज़ होने से पहले ही उनके चाहने वालों के बीच लोकप्रिय हो जाती हैं. पर्दे पर सलमान खान के आते ही लोगों का सीटियां और तालियां बजाना पहले ही इस बात का संकेत दे चुका है कि फिल्म का करोड़ो के क्लब में शमिल होना तय है. यकीनन कबीर खान की फिल्म बजरंगी भाईजान सलमान की पिछली फ़िल्में किक, रेडी, बॉडीगार्ड, जय हो से कहीं बेहतर फिल्म है.

कहानी–  पवन कुमार चतुर्वेदी जिसे प्यार से लोग बजरंगी कहते हैं, दिल्ली में रहता है और रसिका यानी करीना से शादी करना चाहता है. अपनी मां के साथ पकिस्तान से आई छोटी सी बच्ची मुन्नी (हर्शाली) यहां गलती से रह गई है. बजरंगी मुन्नी को उसके घर पहुंचाने का ज़िम्मा उठाता है. और मुश्किल परिस्थितियों में पाक के एक लोकल रिपोर्टर चांद नवाब (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) की मदद से बाकी के सफ़र को पूरा करता है.

सलमान के अलावा नवाज़ और हर्शाली मल्होत्रा ने फिल्म को अपनी कन्धों पर उठाया है. फिल्म का सेकंड हाफ फर्स्ट हाफ से बेहतर है. नवाज़ुद्दीन की एंट्री होते ही फिल्म रफ़्तार पकड़ लेती है. नवाज़ ने लोकल रिपोर्टर की भूमिका में जान फूंक दी है और फिल्म दर फिल्म उनकी बेहतरीन अदाकारी का नमूना सामने आता जा रहा है. हर्शाली की मासूमियत के अलावा सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इतनी कम उम्र के होने की बावजूद भी वो अपने भावों से हंसा भी देती हैं और रुलाती भी हैं. करीना कपूर भी अपने रोल में अच्छी रही हैं.

हालांकी फिल्म की कहानी एक्सपेक्टेड थी लेकिन अंत तक आते आते फिल्म कई जगहों पर नाटकीय लगने लगती है. पाकिस्तानी आर्मी का सलमान को बिना पासपोर्ट वीजा के घुसने देना. आर्मी होते हुए भी बच्ची की ज़िम्मेदारी ना लेना और खासतौर पर भारत-पकिस्तान की सरहद पर फिल्म का क्लाइमेक्स. लेकिन, इन सब के बावजूद बजरंगी दर्शकों के लिए एक पूरा फैमिली पैकेज है जिसमें इमोशन, एक्शन, रोमांस, कॉमेडी, ड्रामा सब कुछ मिलेगा.

फिल्म की सिनेमेटोग्राफी और लोकेशंस पर भी की हुई मेहनत दिखती है खासतौर पर फिल्म की शुरुआत में फिल्माए कश्मीर घाटी के दृश्य परदे पर बेहद खूबसूरत लगते हैं. फिल्म का संगीत फिल्म पहले से हिट हो चुका है, लेकिन “गीत तू जो मिला” फिल्म की कहानी को भावना से जोड़ता है. बजरंगी भाईजान बेहद संवेदनात्मक फिल्म है जिसमें सलमान कोई लार्जर देन लाइफ वाले रोल में नहीं है. सलमान की यह फिल्म में एक्शन और रोमांस से अलग हटकर दो मुल्कों, दो धर्मों और दो इंसानों के प्यार को दर्शाती है. अगर आप सलमान के फैन हैं तो अपने परिवार के साथ बजरंगी भाईजान ज़रूर देखें.