नई दिल्ली. विश्व की सबसे बड़ी सहकारी उर्वरक  संस्था इफको का एक सप्ताह से चल रहा 9वां इंटर यूनिट कल्चरल फेस्टिवल समाप्त हो गया. इफको के एमडी डॉ. यूएस अवस्थी ने इसका समापन किया. हर चार साल पर होने वाले इस फेस्ट की 2015 की ट्रॉपी इफको की फूलपुर यूनिट ने जीती.

28 मई से 4 जून तक गुड़गांव के इफको नगर में चले सांस्कृतिक महाकुंभ का समापन इफको के प्रबंध निदेशक डा. उदय शंकर अवस्थी ने किया. उन्होंने इफको के कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए दो-दो लड़के और लड़कियों को प्रतिवर्ष 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि के अलावा 10 हजार रुपये पुस्तकों के लिए तथा स्नातक तक की पढ़ाई के लिए फीस देने की घोषणा की. ये चार कलाकार हैं- 6 वर्षीया सुश्री प्रियाक्षी भट्टाचार्य (असम), सुश्री सोनी बाजपेई (फूलपुर), विभोर मिश्रा (मुख्यालय) तथा अमन सक्सैना (आंवला इकाई).

डा. अवस्थी ने इफको की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 2017 का कल्चरल फेस्ट इफको की पहली इकाई कलोल में नवम्बर, 2017 में आयोजित करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि किसानों की सबसे बड़ी सहकारी संस्था होने के नाते इफको भारत की अनेकता में एकता वाली संस्कृति का प्रतिबिंब है. 

डा. अवस्थी ने इफको की फूलपुर इकाई को “आईयूसीएफ-2015 ट्रॉफी” प्रदान की. सर्वश्रेष्ठ अनुशासित टीम का पुरस्कार इस साल से शुरू किया गया है और “सुसंस्कृत टीम” का पहला पुरस्कार पारादीप इकाई को मिला. महोत्सव में देश भर में फैली इफको की विभिन्न इकाइयों – उर्वरकों का उत्पादन करने वाले इफको के सभी पांचों संयंत्रों, खादों का विपणन करने वाले फील्ड स्टाफ तथा मुख्यालय की सात टीमों ने भाग लिया.

इफको के निदेशक और आयोजन के मेजबान आर.पी. सिंह ने इफको की सभी टीमों द्वारा स्पर्धा की भावना से प्रस्तुतियां पेश करने के लिए सभी का धन्यवाद किया. इस महोत्सव की शुरुआत डा. उदय शंकर अवस्थी की पहल पर 1995 में हुई थी.