मुंबई. बॉलीवुड की बेबी डॉल सनी लियोनी अपने सेक्सी एंड बोल्ड अंदाज के साथ-साथ अपने शालीन अंदाज के लिए भी जानी जाती हैं. लेकिन बेबी डॉल सनी आजकल अपने डॉक्यूमेंट्री के डॉयरेक्टर  दिलीप मेहता से खफा है और नहीं चाहती कि उनकी लाइफ पर बनी  डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘मोस्टली सनी’ की भारत में रिलीज कि जाएं.
 
इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
 
सनी को लगता है कि यह उनकी कहानी को सही से दिखाया नहीं गया है. इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म में सनी के लाइफ से जुडी कई बातों को सही से नहीं दर्शाया गया है. सनी का कहना है कि अगर यह फिल्म भारत में रिलीज होगी तो मेरे बारे में यहां के लोगों को गलत संदेश जाएगा.
 
रिपोर्ट्स के मुताबिक सनी लियोनी पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘मोस्टली सनी’ का प्रीमियर अभी ‘टोरंटो अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल’ में दिखाया भी गया था. सनी किसी पारिवारिक समारोह में व्यस्त होने की बात कहकर उसमें शामिल नहीं हुई थी. हांलाकि फिल्म निर्देशक दिलीप मेहता का कहना है कि उन्हें आश्चर्य है कि डॉक्यूमेंट्री बनने के बाद सनी ऐसा कह रही हैं और वह अब इस डॉक्यूमेंट्री में कुछ बदलाव की मांग कर रही हैं.
 
 
‘मोस्टली सनी’ सनी के लाइफ के सफर को दिखाती है. यह कनाडा के ओंटारियो प्रांत के सर्निया शहर में एक रूढ़िवादी सिख परिवार में जन्मी करनजीत कौर वोहरा (सनी) के बचपन से लेकर लॉस एंजेलिस तक के सफर को दिखाया गया है.
 
उनके दुनिया के सबसे बड़े वयस्क फिल्मों के स्टारों में शामिल होने से लेकर बॉलीवुड में मुख्यधारा की फिल्मों में उनके करियर शुरू करने की कहानी बयां करती है. सनी ने कहा कि वह नहीं चाहती कि फिल्म भारत में रिलीज हो क्योंकि यह उनके जीवन पर बनी डॉक्यूमेंट्री से कहीं ज्यादा ‘किसी और के विचार’ को दिखाती हैं. 
 
दिलीप मेहता का दावा है कि उन्होंने सनी लियोन के कहने पर डॉक्यूमेंट्री के कुछ सीन नहीं हटाए इसलिए वह प्रीमियर में नहीं पहुंचीं. उन्होंने बताया, ‘देखिए, फाइनल कट, डायरेक्टर कट का होता है, इसके बाद ही फिल्म का असली स्वरूप सामने आता है.
 
वहीं सनी का कहना है कि मैं बिलकुल नहीं चाहती कि मेरी स्टोरी देखकर लोग भावुक हो कर जज करें या मुझे सहानुभूती दिखाएं. मैं अपनी स्टोरी को बस स्टोरी की तरह की दर्शक के सामने पेश करना चाहती हूं.