मुंबई. फिल्म जगत के मशहूर संगीत फनकार राहुल देव बर्मन का आज 77वां जन्मदिन है. पूरी दुनिया आरडी बर्मन को पंचम दा के नाम से पुकारती है. इस संगीत जादूगर के नाम से शायद ही कोई अनजान होगा. बता दें कि उन्होंने हिन्दी के अलावा बंगला, तमिल, तेलुगू, और मराठी भाषाओं में भी काम किया है. आज के इस मौके पर गूगल ने उनके लिए खास डूडल बनाकर उन्हें याद करते हुए सलाम पेश किया है.
 
इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
 
ट्विटर पर #RDBurman 
 
इतना ही नहीं ‘पंचम दा’ को देश को कोने-कोने से लोग सोशल मीडिया के जरिए याद कर रहे हैं. सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर #RDBurman नाम का हैशटेग भी चल रहा है. वहीं मशहूर संगीतकार अदनान सामी ने ट्विटर पर पंचम दा को याद करते हुए उनके साथ अपने बचपन की फोटो भी शेयर की है.
 
27 जून, 1939 को हुआ जन्म
 
आरडी बर्मन का जन्म 27 जून, 1939 को कोलकाता में प्रसिद्ध संगीतकार सचिन देव बर्मन और मीरा देव बर्मन के घर पर हुआ था. आरडी बर्मन को 60, 70 और 80 के दशक में कई सुपरहिट गाने देने वाले  हिंदी फिल्मों में आधुनिक संगीत का जनक माना जाता है, लेकिन चार जनवरी 1994 को आरडी बर्मन का निधन हो गया था.
 
ऐसे पड़ा उनका नाम ‘पंचम’ 
 
पंचम नाम के पीछे मजेदार किस्सा यह माना जाता है कि आरडी बचपन में जब भी गुनगुनाते थे, प शब्द का ही उपयोग करते थे. यह बात अभिनेता अशोक कुमार के ध्यान में आई. सा रे गा मा पा में ‘प’ का स्थान पाँचवाँ है. इसलिए उन्होंने राहुल देव को पंचम नाम से पुकारना शुरू कर दिया. धीरे-धीरे उनका यही नाम लोकप्रिय हो गया.
 
9 साल में ही कम्पोज किया पहला गाना
 
बचपन से ही आरडी को संगीत का शौक था. जब नौ साल के थे तब उन्होंने पहला गाना कम्पोज कर लिया था इस गाने ‘ऐ मेरी टोपी पलट के आ’ को उनके पिता ने ‘फंटूश’ (1956) में उपयोग किया था. इसके अलाव गुरुदत्त की ‘प्यासा’ (1957) के गाने ‘सर जो तेरा चकराए’ की धुन भी आरडी ने बनाई थी.
 
Stay Connected with InKhabar | Android App | Facebook | Twitter