मुंबई. बॉलीवुड एक्टर इरफान खान ने कहा है कि उन्हें तब बहुत दुख होता है जब कोई क्रिकेटर या एक्टर यूथ आईकॉन की तरह पेश किया जाता है. उन्होंने कहा कि ये लोग समाज के काम आते हैं, लोगों का मनोरंजन करते हैं लेकिन ये हीरो नहीं हैं.
 
अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में इरफान ने कहा, “मुझे तकलीफ होती है जब किसी एक्टर या क्रिकेटर को यूथ आईकॉन बताया जाता है. ये लोग बहुत बढ़िया मनोरंजन करते हैं. समाज के लिए उपयोगी हैं. लोगों के जीवन में उनका योगदान है. लेकिन ये हीरो नहीं हैं.”
 
इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
 
इरफान ने कहा, “हीरो अलग तरह के लोग होते हैं. हीरो वो होते हैं जो खुद की चिंता की बलि चढ़ाकर कुछ ऐसा करते हैं जिससे दूसरों के जीवन पर असर पड़ता है.” उन्होंने कहा कि क्रिकेटर या एक्टर का इतने बड़े स्तर पर प्रेरक होना समाज के बेहतर विकास के लिए अच्छा नहीं है.
 
इरफान ने कहा कि यह उपभोक्तावाद की चरम की निशानी है कि हम क्रिकेटर या एक्टर को बहुत प्रेरणादायक मान लें. मेरे लिए इसरो की महिला वैज्ञानिक हीरो हैं जो लॉंच के बाद जश्न मना रही हैं.
 
Stay Connected with InKhabar | Android App | Facebook | Twitter
 
उन्होंने कहा, “मैं कहीं से उधार लेकर, कुछ बनाकर, थोड़ी देर के लिए आपका टाइम पास कर दे रहा हूं और सिर्फ इसलिए कि मैं फेमस हूं, आप मुझ जैसा बनना चाहते हो, ये ठीक नहीं है, ये निराशाजनक है.”