नई दिल्ली. फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ को लेकर उठा विवाद बढ़ता जा रहा है. इस बीच आम आदमी पार्टी ने कॉन्फ्रेंस कर कहा है कि विवाद के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल का हाथ है.
 
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इस बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी विरोध जताते हुए ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा है कि पंजाब का युवा नशे से बर्बाद हो चुका है और पंजाब का सच तो दुनिया के सामने आना ही चाहिए.
 
 
दरअसल सेंटर बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन के चेयरमैन पहलाज निहलानी ने आरोप लगाया था कि फिल्म के प्रोड्यूशर अनुराग कश्यप के आप से रिश्ते हैं को लेकर आप ने तीखा विरोध जताया है. 
 
आप नेता आशीष खेतान ने कहा कि पहले ऐसी बातें थी कि पहलाज निहलानी बहुत ही खराब व्यक्ति हैं और वे अभिव्यक्ति की आजादी के खिलाफ हैं. लेकिन अब यह साबित हो चुका है कि वे असल में कठपुतली हैं. जो ताकतें इस फिल्म को रिलीज नहीं होने देना चाहती हैं, उनके पीछे बादल सरकार और मोदी सरकार हैं. 
 
क्या है मामला?
सेंसर बोर्ड का कहना है कि फिल्म में बहुत ज्यादा गालियों का इस्तेमाल किया गया. बोर्ड ने इस फिल्म से 80 से ज्यादा दृश्यों को हटाने का भी आदेश दिया था.
 
इसके अलावा बोर्ड ने फिल्म के नाम पर भी आपत्ती जताई. सेंसर बोर्ड ने ‘उड़ता पंजाब’ फिल्म के नाम से ‘पंजाब’ शब्द को हटाने को कहा था. बोर्ड की रिवाइजिंग कमेटी को फिल्म के एक गाने पर भी एतराज है. कमेटी का मानना है कि फिल्म में पंजाब का या फिर पंजाब के चुनाव का कोई जिक्र नहीं होना चाहिए.
 
इस मामले पर अनुराग कश्यप ने सेंसर बोर्ड की तुलना नॉर्थ कोरिया से कर दी थी. एक ट्वीट के जरिए उन्होंने कहा था कि बोर्ड तानाशाह देश नॉर्थ कोरिया जैसा काम कर रहा है.
 
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इस फिल्म में शाहिद कपूर ने एक रॉक स्टार का किरदार निभाया है जो नशे का बहुत बड़ा आदी है. फिल्म में शाहिद के अलावा आलिया भट्ट और करीना कपूर भी हैं. फिल्म की रिलीजिंग डेट 17 जून रखी गई है.