नई दिल्ली. मंगलवार को दिल्ली में 63वें नेशनल फिल्म अवार्ड का आयोजन किया गया. इस मौके पर जहां ‘पीकू’ में दमदार अभिनय निभाने के लिए बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का अवार्ड मिला, तो वहीं फिल्म ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ में हरियाणवी लड़की के साथ साथ दिल्ली की छोरी की भूमिका निभाने के लिए बॉलीवुड की क्वीन कंगना रनौत को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के सम्मान से नवाजा गया. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने विजेताओं को सम्मानित किया.
 
 
63 वां राष्ट्रीय पुरस्कार जहां अमिताभ बच्चन के लिए चोथा राष्ट्रीय पुरस्कार है तो वहीं कंगना के लिए यह तीसरा है. बिग बी को 1990 में ‘अग्निपथ’, 2005 में ‘ब्लैक’, 2009 ‘पा’ के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवार्ड मिल चुका है. वहीं कंगना को 2008 में ‘फैशन’ और 2015 में ‘क्वीन’ के लिए बेस्ट एक्ट्रेस के नेशनल अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है.
 
 बिग बी यहां इस समारोह में पत्नी जया बच्चन, बहू ऐश्वर्या राय बच्चन, बेटे अभिषेक बच्चन और बेटी श्वेता नंदा के साथ आए थे. समारोह में जहां कंगना सबके आकर्षण का केंद्र थी तो वहीं दुनिया की सबसे खूबसूरत महिला ऐश्वर्या राय बच्चन को भी लोगों का खासा अटेंशन मिला. 
 
 
दिल्ली में आयोजित 63 वें नेशनल अवार्ड में फिल्म इंडस्ट्री की कई मेन स्ट्रीम फिल्मों ने बाजी मारी है. ‘पीकू’ से लेकर ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ के साथ साथ ‘बाजीराव मस्तानी’, ‘बजरंगी भाईजान’, ‘दम लगा के हइशा’ और ‘बाहूबली’ जैसी फिल्मों का नाम छाया रहा. 
 
फिल्म ‘बाजीराव मस्तानी’ को बेस्ट डायरेक्टर, बेस्ट स्पोर्टिंग एक्ट्रेस, बेस्ट कोरियोग्राफर, बेस्ट कॉस्टयूम, बेस्ट सिनेमटोग्राफी जैसे कई अवार्ड्स मिले. संजय लीला भंसाली को ‘बाजीराव मस्तानी’ के लिए बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड मिला. वहीं बेस्ट हिंदी फिल्म रही आयुष्मान खुराना की फिल्म ‘दम लगा के हईशा’.
 
मनोज कुमार दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित
 
 
हिंदी फिल्मों में भारत कुमार के नाम से मशहूर मनोज कुमार को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया. मनोज व्हील चेयर पर बैठ कर अवार्ड लेने पहुंचे थे. सम्मानित होने के बाद उन्होंने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को अपनी जेब से निकाल कर एक मूर्ति भेंट की. सिर पर भगवा रंग का कपड़ा बांध कर आए इस अभिनेता ने भारतीय परंपरा को निभाते हुए राष्ट्रपति के चरण भी स्पर्श किए. दादा साहेब फाल्के पुरस्कार भारतीय सिनेमा के विकास में उत्कृष्ट योगदान देनेवालों को भारत सरकार द्वारा दिया जाता है.