नई दिल्ली. मशहूर लेखक-गीतकार जावेद अख्तर का कहना है कि अगर हिंदू और मुस्लिम की समान आबादी वाला निर्वाचन क्षेत्र मिला, तो वह ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे. ओवैसी हाल में ‘भारत माता की जय’ का नारा लगाने से इनकार करने की वजह से सुर्खियों में हैं. 
 
अख्तर से पूछा गया कि क्या वह ओवैसी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे? जवाब में उन्होंने कहा, “मुझे मालूम है कि अगर मैंने हिंदू व मुस्लिमों की समान आबादी वाली जगह से उनके खिलाफ खड़ा हुआ, तो मुझे हर किसी से वोट मिलेंगे.” अख्तर ने कहा कि इस पर स्पष्टीकरण दिया जाना चाहिए कि ओवैसी ने ‘भारत माता की जय’ बोलने से इनकार क्यों किया? उन्होंने कहा कि ओवैसी यह बोलकर पल्ला नहीं झाड़ सकते कि ऐसा हमारे संविधान में नहीं लिखा है. 
 
अख्तर ने ओवैसी का नाम लिए बिना मंगलवार को उन्हें निशाने पर लेते हुए कहा था, “उन्होंने (ओवैसी) कहा कि वह भारत माता की जय नहीं बोलेंगे, क्योंकि संविधान उन्हें ऐसा करने का आदेश नहीं देता है. संविधान ने तो उन्हें शेरवानी और टोपी पहनने के लिए भी नहीं कहा है. मुझे इसकी परवाह नहीं है कि ‘भारत माता की जय’ बोलना मेरा कर्तव्य है या नहीं. इसे बोलना मेरा अधिकार है.”
 
किसानों की आत्महत्या पर पटकथा लिख रहे हैं जावेद
 
लेखक जावेद अख्तर एक बार फिर फिल्म के लिए पटकथा लेखन में वापसी कर रहे हैं. जावेद इस बार किसानों की आत्महत्या के मुद्दे को लेकर पटकथा लिख रहे हैं. उनकी पटकथा शहरी रूपरेखा पर आधारित होगी. जिसमें यह दर्शाया जाएगा कि शहर में रहने वाला व्यक्ति इस मुद्दे पर कैसी प्रतिक्रिया देता है? मैं किसानों की समस्या पर एक कहानी लिख रहा हूं. आपको एक तय कीमत पर सब्जियां और फल मिलते हैं. लेकिन जब किसान इन्हें बेचते हैं तो उन्हें किया जाने वाला भुगतान भिन्न होता है. इन दोनों के बीच बड़ा अंतर होता है’.