दिल्ली. फिल्मों को काटने-छांटने से लेकर पैसे लेकर सीन पास करने के आरोप झेल चुके सेंसर बोर्ड को ठीक करने के लिए सरकार ने नामी फिल्मकार श्याम बेनेगल की अध्यक्षता में एक कमिटी बनाई है जो दो महीने में रिपोर्ट देगी. कमिटी में राकेश ओमप्रकाश मेहरा, पीयूष पांडे भी हैं.
 
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सेंसर बोर्ड के स्ट्रक्चर और सिनेमेटोग्राफ कानून में बदलाव के लिए श्याम बेनेगल की अध्यक्षता में इस कमिटी को बनाया है. कुछ समय पहले सूचना एवं प्रसारण मंत्री अरुण जेटली ने भी इस संगठन को ‘विवाद मुक्त’ करने के संकेत दिए थे.
 
केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) यानी सेंसर बोर्ड के मौजूदा अध्यक्ष पहलाज निहलानी के कार्यकाल में नए तरह के विवाद सामने आए जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुणगान का उनका एक वीडियो सलमान खान की फिल्म बजरंगी भाईजान के साथ अटैच कर दिया गया था.
 
सेंसर बोर्ड की अध्यक्ष लील सैमसन समेत बोर्ड के 13 सदस्यों ने पिछले साल की शुरुआत में ही इस्तीफा दे दिया था. इन लोगों ने कहा कि बोर्ड के साथ सरकार का रवैया अहंकार और उपेक्षा से भरा है.