मुंबई. देश के बिगड़े माहौल पर आमिर खान, शाहरुख खान और कई हस्तियों के बोलने के बाद बॉलीवुड अभिनेत्री नंदिता दास भी बहस में उतर आई है. फायर जैसी बोल्ड फिल्म को लेकर विवादों में रही नंदिता का ने यह कह कर विरोध जताया है कि जिस तरह से देश का माहौल है उस हिसाब से  “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता” का कोई मतलब नहीं रह जाएगा साथ ही ये रोक अब एक खतरनाक मोड़ ले रही है. अगर कोई उपाय बचा है तो वह इकठ्ठें होकर विरोध करना है.
 
दोस्तों की राय नहीं मानी
 
खबरों के अनुसार नंदिता के विरोध करने के विचार पर उनके करीबी दोस्त सहमत नहीं थे और वे नहीं चाहते की देश की बड़ी हस्तियों की तरह वे भी तरह तरह के अभद्र टिप्पणियों का शिकार न बने. नंदिता ने कहा कि मेरे कई दोस्तों ने मुझे विवाद पर बोलने के मना किया है क्योंकि उन्हें मेरी जान की परवाह है लेकिन मैं पीछे नहीं हटूंगी. 
 
 
हमने खुद पर लगा दी है सेंसरशीप
 
सेंसरशीप लागू हो जाने को लेकर नंदिता कहती है कि समस्या ये आ रही है, ‘हम खुद पर ही सेंसर लगा रहे हैं इसलिए इस तरह की समस्या में तेजी आ रही है. नरेंद्र दाभोलकर, गोविंद पानसारे और एमएम कलबुर्गी जैसे बुद्धिजीवियों की हत्या अभिव्यक्ति की स्वंतत्रता और तर्क की वजह से कर दी गई.’