नई दिल्ली. नाना साहब पेशवा पथ पर स्थित श्री चिंतामणि गणेश मंदिर न केवल अत्यंत प्राचीन है बल्कि सुप्रसिद्ध और हजारों हजार भक्तों की आस्था का केंद्र भी है. इस मंदिर की स्थापना देवराज इन्द्र के द्वारा की गयी है.
 
श्री गणेश पुराण में उल्लेख है कि महर्षि गौतम की धर्मपत्नी अहिल्या का छल से सतित्व भंग करने के अपराध के लिए, जब महर्षि गौतम ने देवराज इन्द्र को श्राप दिया तो इन्द्र बहुत व्याकुल हो गये. तीनो लोकों में इन्द्र की रक्षा करने का साहस ब्रह्मा, विष्णु, महेश ने भी नहीं किया. मंदिर चिंतामणि की पूरी कहानी जानिए इंडिया न्यूज के शो धर्मचक्र में.
 
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