काशी. शिव की नगरी काशी में महादेव साक्षात वास करते हैं. यहां बाबा विश्वनाथ के दो मंदिर बेहद खास हैं. पहला विश्वनाथ मंदिर जो 12 ज्योतिर्लिंगों में नौवां स्थान रखता है, वहीं दूसरा जिसे नया विश्वनाथ मंदिर कहा जाता है. यह मंदिर काशी विश्वविद्यालय के प्रांगण में स्थित है.
 
काशी नगरी पतित पावनी गंगा के तट पर बसी. यह भी कहा जाता है कि काशी नगरी देवादिदेव महादेव की त्रिशूल पर बसी है. धर्मग्रन्थों और पुराणों में जिसे मोक्ष की नगरी कहा गया है जो अनंतकाल से बाबा विश्वनाथ के भक्तों के जयकारों से गूंजती आयी है, शिव भक्तों की वो मंजिल है जो सदियों से यहां मोक्ष की तलाश में आते रहे हैं.
 
काशी की इस यात्रा पर हम आपको महादेव के दो ऐसे रूपों के दर्शन कराएंगे, जिन्हें बाबा विश्वनाथ के नाम से पुकारा जाता है. आप सोच रहे होंगे कि एक ही नगरी में भोले के दो रूप वो भी एक ही नाम से कैसे? वाराणसी के काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में विराजमान बाबा विश्वनाथ की महिमा और उनके महत्व के बारे में भी हम आपको बताएंगे.
 
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