शियान. भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को चीन के शांक्सी प्रांत की राजधानी और ऐतिहासिक शहर शियान से चीन के आधिकारिक दौरे की शुरुआत की. टेराकोटा वॉरिअर्स म्यूजियम का दौरा करने के बाद वह प्राचीन बौद्ध मंदिर दा सिंगशान गए. मोदी चीन के अपने तीन दिवसीय दौरे के पहले चरण में टेराकोटा वारियर्स म्यूजियम गए, जहां चीन के पहले सम्राट किन शी हुआंग की सेना को दर्शाने वाली मूर्तियां रखी हैं. इस संग्रहालय में 8,000 से अधिक योद्धाओं की आदमकद प्रतिमाएं हैं.

मोदी करीब एक घंटे तक संग्रहालय में रहे और इस दौरान उन्होंने गाइड की बातें ध्यान से सुनीं. संयुक्त राष्ट्र विश्व धरोहर की सूची में शामिल इस संग्रहालय परिसर में किन की कब्र भी है.  इस संग्रहालय का निर्माण ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी में किया गया था. मोदी ने आगंतुक पुस्तिका में लिखा, “टेराकोटा की सैन्य प्रतिमाएं वैश्विक विरासत हैं. ये चीन की सभ्यतागत उपलब्धियों की गवाह हैं. मैं इसकी असाधारण देखभाल से बहुत प्रभावित हूं, जिससे अनमोल विरासत संरक्षित है.”

दा सिंगशान मंदिर में मोदी भगवान बुद्ध की विशाल स्वर्ण मूर्तियों के सामने हाथ जोड़ कर खड़े हो गए और भगवे वस्त्र में वहां मौजूद बौद्ध भिक्षुओं ने मंत्रोच्चार किए. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्विटर पर लिखा, “प्रधानमंत्री की मौजूदगी में दा सिंगशान के भव्य हॉल में सूत्र का सस्वर पाठ.” यह मंदिर दक्षिणी शियान में है. इस मंदिर का निर्माण मूल रूप से जीन वंश ने करवाया था, जिसका बाद में सुई वंश ने विस्तार कराया था. लगभग 582 में पुनर्निर्माण के बाद इस मंदिर को दा सिंगशान मंदिर कहा जाने लगा.

बाद में मोदी ने ट्विटर पर लिखा, “चीन के शियान से हैलो. आगमन पर गर्मजोशी से स्वागत हुआ, इसके बाद टेराकोटा वारियर्स म्यूजियक का दौरा किया.” उन्होंने आगे लिखा, “दासिंगशान मंदिर खूबसूरत है. मंदिर के बहुत से हॉल का दौरा किया और बौद्ध भिक्षुओं से बातचीत की.” यहां से उपहारस्वरूप मिली भगवान बुद्ध की छोटी सी मूर्ति की तस्वीर दिखाते हुए मोदी ने लिखा, “इसे हमेशा संजोकर रखूंगा.” मोदी ने अपने प्रति चीनी लोगों का उत्साह देख कर कहा लिखा, “मैं चीन के लोगों का उत्साह देखकर बहुत खुश हूं. लोगों से लोगों का संबंध हमेशा खास होता है.”

शियान, शांक्सी प्रांत की राजधानी और प्रधानमंत्री शी जिनपिंग का गृहनगर है. शियान के साथ चीनी यात्री और मशहूर बौद्ध विद्वान ह्वेन सांग का नाम भी जुड़ा है, जिन्होंने 629 से 645 के दौरान भारत की यात्रा की थी. मोदी और शी शाम को बैठक करेंगे. सुबह यहां पहुंचने के बाद हवाईअड्डे पर उनका भव्य स्वागत किया गया.

IANS