टोरंटो. कनाडा के टोरंटो के रिकोह कोलेजियम स्टेडियम में आज एक बार फिर वैसा ही नजारा देखने को मिला जैसा न्यूयॉर्क के मेडिसन स्कॉवयर में कुछ महीने पहले देखने को मिला था. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यहां भारतीय मूल के लोगों के बीच पहुंचे. स्टेडियम के अंदर 8 हजार भारतीय उन्हें सुनने के लिए मौजूद थे. इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ कनाडा के प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर भी मौजूद थे.

अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत की छवि अब ‘स्कैम इंडिया’ की नहीं ‘स्किल इंडिया’ की बन रही है. इशारों-इशारों में पुरानी सरकार पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा कि जिन्होंने गंदगी फैलाई वह अब चले गए हैं. अब हमें सफाई करनी है. इसके अलावा उन्होंने कनाडा में रहने वाले लोगों के लिए कई नई नीतियों का भी ज़िक्र किया और ई-वीज़ा शुरू करने की बात कही. इस दौरान पीएम ने चतुरंगी क्रांति का भी जिक्र किया. 

यहां पर पीएम मोदी के सम्मान में रंगारंग कार्यक्रम  पेश किया गया. बॉलीवुड के मशहूर सिंगर सुखविंदर सिंह ने वहां पर ”चक दे इंडिया” गीत को प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया. मोदी गुजराती में ‘केम छो’ भी बोले. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय समुदाय से कहा कि अब हमारे देश में विश्वास का नया माहौल है. दम महीन में देश का जन-मन बदल गया है.

पीएम मोदी के भाषण की मुख्य बातें:
 
कनाडा के प्राकृतिक संसाधनों से भारत को लाभ होगा.
कनाडा से गहरा संबंध, 2003 के वाइब्रेंट सम्मिट से लगातार पार्टनर रहा है.
कभी इंदिरा गांधी ने बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया था. लोकिन बात नहीं बनी थी.
सरकार नहीं जन मन भी बदला है. जन धन योजना इसका परिचायक है.
जिनको गंदगी करनी थी गंदगी करके चले गये, लेकिन हम सफ़ाई करेंगे.
दो बच्चियों ने वाराणसी के प्रभु घाट की सफ़ाई की है.
गंदगी पुरानी है, लेकिन हम सफ़ाई करेंगे.
चार लाख लोगों ने एलपीजी सब्सिडी छोड़ दी है.
एक अख़बार ने हफ़्ते में एक दिन सिर्फ़ पॉज़िटिव न्यूज़ छापने का बात की है ये भी बदलाव का सूचक है.
पिछले दस साल में दो किलोमीटर प्रति दिन के हिसाब से सड़कों का विकास होता था आज ग्यारह किलोमीटर प्रति दिन के हिसाब ये सडक बन रही है.
देश फिर से सोने की चिड़िया बन सकता है.
गुगल भारत की गोद से क्यों नहीं पैदा होता, जबकि सबसे अच्छे सॉफ़्टवेयर इंजिनयर हमारे हैं। हम इस दिशा में सोच रहे हैं.
हमें कोई न्यूक्लियर रिएक्टर नहीं देता था कि हम कही परमाणु बम न बना दें, जो चोरी छिपे बना देते हैं उन्हें कोई रोकता नहीं.
फ़्रांस की मदद से भारत में न्यूक्लियर रिएक्टर बनेगा और कनाडा से इसके लिए इंधन के तौर पर यूरेनियम हासिल होगा. ये क्लीन एनर्जी भी होगा.
कुछ लोगों को केसरिया रंग का मतलब भी नहीं पता, लेकिन ये उर्जा का रंग है. पिछली सरकार 350 रुपये में एलईडी ख़रीदती थी.
 ये सरकार 65 रुपये में एलईडी बल्ब लेती है. भ्रष्टाचार कम हुआ है इसका सबूत है ये.
संकट की घड़ी में हम पासपोर्ट के रंग नहीं देखते
दस साल के लिए कनाडा के लोगों को अब वीजा मिलेगा.
IANS