नई दिल्ली. दाऊद इब्राहिम को भारत लाने की खबरों ने एक बार फिर से जोर पकड़ लिया है. अंग्रेजी अखबार इंडियन एख्सप्रेस ने एक खबर दी है कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के भारत लौटने के प्रस्ताव पर दो साल पहले यूपीए सरकार के समय भी चर्चा हुई थी.
  
अखबार के मुताबिक 2013 में दिल्ली के एक बड़े वकील जो बड़े कांग्रेस नेता भी है उन्होंने दाऊद को भारत वापस लौटाने पर चर्चा की थी. अखबार के मुताबिक जिसके बाद इस वकील को बताया गया कि दाऊद का मुद्दा गर्म आलू की तरह है, जिस पर हाथ नहीं लगाया जाना चाहिए. इस वरिष्ठ कांग्रेस नेता और वकील को बताया गया कि दाऊद पर उसकी शर्तों पर केस चलाना मुश्किल है.

अखबार ने सूत्रों के मुताबिक बताया है कि 2013 दाऊद के भारत लौटने के प्रस्ताव पर तब के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने भी चर्चा की थी. इस वकील ने कांग्रेस के दो बड़े नेताओं से भी इस प्रस्ताव पर चर्चा की थी लेकिन इस बड़े नेता को यही कहा गया कि ये बहुत गरम मुद्दा है इसलिए ये ठंडे बस्ते में डाल दिया गया.
 
दाऊद पर यूपीए-2 सरकार किसी भी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहती थी जिस वजह से इस गंभीर मुद्दे पर उस समय की सरकार ने चुप्पी बनाए रखना ही बेहतर समझा. हाल में मौजूदा एनडीए सरकार भी दाऊद को पकड़कर वापस भारत में लाने का वादा कर सरकार में आई है.