मुंबई.1993 मुंबई बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन की फांसी पर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई. याकूब की फांसी पर दोनों में मतभेद साफ नजर आया. जस्टिस एआर दवे ने कहा कि याकूब की याचिका खारिज होनी चाहिए जबकि जस्टिन कुरियन जोसेफ ने कहा कि याकूब की क्यूरेटिव पिटीशन की सुनवाई में कुछ त्रुटियां हैं इसलिए दोबारा सुनवाई होनी चाहिए.

याकूब को फांसी का मामला अब चीफ जस्टिस को भेजा जाएगा. चीफ जस्टिस इस पर बड़ी बेंच का गठन करेंगे. अटॉर्नी जनरल चीफ जस्टिस से जल्द से जल्द बड़ी बेंच गठित करने की गुजारिश करेंगे ताकि कल ही मामले की सुनवाई हो सके. याकूब मेमन की फांसी पर सुप्रीम कोर्ट के दो जजों में मतभेद 1993 मुंबई बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन की फांसी पर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई.

मौत की सजा पाए याकूब मेमन की फांसी पर उठा विवाद सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में भी नजर आया था. याकूब मामले की सुनवाई कर रहे सुप्रीम कोर्ट के दो जजों के बीच फांसी को लेकर मतभेद था. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कर रहे जज जस्टिस कुरियन जोसेफ ने याकूब की भूल-सुधार याचिका की सुनवाई पर ही सवाल खड़ा कर दिया. नियम का हवाला देते हुए जस्टिस जोसेफ ने कहा कि याकूब की भूल-सुधार याचिका की सुनवाई में कमी नजर आ रही है. वहीं सुनवाई कर रहे दूसरे जज जस्टिस एआर दवे ने कहा कि अब इस मामले में कुछ नहीं बचा है. जस्टिस एआर दवे ने कहा कि याकूब को निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा दी है. फिलहाल उसकी एक दया याचिका महाराष्ट्र के गवर्नर के पास लंबित है इसके बाद उसकी फांसी का रास्ता साफ हो जाता है.