नई दिल्ली. BSNL, MTNL, एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और रिलायंस कम्युनिकेशन शुक्रवार से नेशनल मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी शुरू करेंगे. दोनों कंपनियों के मोबाइल यूजर्स को देशभर में कहीं भी सर्कल बदलने पर अपना नंबर बदलने की जरूरत नहीं होगी. एमटीएस ब्रांडनेम से काम करने वाली सिस्टेमा श्याम टेलीसर्विसेस, यूनिनॉर और वीडियोकॉन टेलीकॉम जैसे बाकी प्राइवेट सर्विस प्रोवाइडर्स भी जल्द ही नेशनल पोर्टेबिलिटी का एलान करेंगे.

क्या कह रहीं हैं कंपनियां 
1. भारती एयरटेल के डायरेक्टर (मार्केट ऑपरेशंस) अजय पुरी ने एक बयान में कहा- एयरटेल के नेटवर्क के अंदर 24 घंटे में पोर्टिंग की रिक्वेस्ट प्रोसेस की जाएगी. पोर्टेबिलिटी होने तक रोमिंग पर इनकमिंग फ्री रहेगा। प्री-पेड यूजर्स अपना बैलेंस ट्रांसफर करा सकेंगे। पोस्ट-पेड यूजर्स भी अपना बैलेंस कैरी फॉरवर्ड करा सकेंगे.
2. वोडाफोन के चीफ कमर्शियल ऑफिसर विवेक माथुर ने कहा- नेशनल पोर्टेबिलिटी प्री-पेड और पोस्ट पेड यूजर्स के लिए एकसाथ शुरू की जा रही है. इसका हमारे 18 करोड़ यूजर्स फायदा उठा सकेंगे.

जानिए कैसे काम करेगी नेशनल पोर्टेबिलिटी
1. अगर आप किसी दूसरे शहर जाते हैं तो आपके मोबाइल यूसेज पर रोमिंग चार्ज लगेगा. लेकिन जिस दिन से आप नेशनल पोर्टेबिलिटी के लिए अप्लाई कर देंगे, उस दिन से रोमिंग चार्ज नहीं लगेगा. पोर्टेबिलिटी के लिए एयरटेल के यूजर्स 1800-103-111 नंबर पर कॉल कर रिक्वेस्ट कर सकते हैं.
2. यूज़र्स जिस स्टेट में जा रहे हैं, उन्हें उसी स्टेट में जाकर नेशनल पोर्टेबिलिटी के लिए अप्लाई करना होगा. मान लीजिए, आप दिल्ली छोड़कर पंजाब शिफ्ट हो रहे हैं तो आप दिल्ली से पोर्टेबिलिटी के लिए अप्लाई नहीं कर सकेंगे. इस फैसिलिटी के साथ कोई हिडन चार्ज नहीं होगा.

क्या चाह रही थी सरकार
सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों से 3 मई से ही नेशनल नंबर पोर्टेबिलिटी शुरू करने को कहा था. लेकिन टेलीकॉम कंपनियों के एसोसिएशन ने डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन से कहा था कि अपने नेटवर्क में तकनीकी बदलावों के लिए वे डेडलाइन बढ़ाना चाहते हैं. सर्विस प्रोवाइडर्स ने 8 हफ्ते का वक्त मांगा था. इसलिए सरकार ने डेडलाइन 3 जुलाई तक बढ़ा दी थी. एयरटेल ने अपने बयान में कहा है कि जम्मू-कश्मीर और असम सहित पूर्वोत्तर के राज्यों में सुरक्षा पहलू के मद्देनजर नेशनल पोर्टेबिलिटी लागू नहीं होगी.

एजेंसी इनपुट भी