नई दिल्ली. दिल्ली उपराज्यपाल नजीब जंग ने साफ़ कर दिया है कि बिहार से उधार लेकर दिल्ली एंटी करप्शन ब्यूरो में अधिकारियों की नियुक्ति के बारे में उनसे मुख्यमंत्री केजरीवाल ने इजाज़त नहीं ली है.  इसके बाद अब केजरीवाल और जंग के बीच जारी विवाद फिर बढ़ सकता है. केजरीवाल सरकार ने भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) के लिए बिहार से छह पुलिस अधिकारी लेने का फैसला किया है. खबर है कि इनमें तीन अधिकारी दिल्ली में ज्वाइन भी कर चुके हैं. 

माना जा रहा है कि बिहार से पुलिस अधिकारियों के लेने के लिए दिल्ली में नीतीश और केजरीवाल के बीच हुई मुलाकात के वक्त सहमति बनी थी. पूरे मामले में चौंकाने वाली बात यह है कि अब तक दिल्ली के एंटी करप्शन ब्यूरो में दिल्ली पुलिस से अधिकारी लिए जाते  रहे हैं और सवाल यह भी है कि क्या इन नियुक्तियों से पहले लेफ्टिनेंट गवर्नर से राय ली गई थी.

उपराज्यपाल कार्यालय ने स्पष्ट कहा है कि इन नियुक्तियों का अधिकार सिर्फ नजीब जंग को है और केजरीवाल सरकार ने न उनसे इजज़र ली है औत न ही इससे सम्बंधित किसी तरह का प्रस्ताव ही भेजा है. एलजी कार्यालय ने आगे कहा कि सीएम के कार्यक्षेत्र में एंटी करप्शन ब्यूरो की नियुक्तियां नहीं आती हैं.

आपको बता दें कि दिल्ली सरकार और केन्द्र के बीच पहले से ही अपने-अपने कार्यक्षेत्र को लेकर विवाद चल रहा है और एलजी के अधिकारों को लेकर गृह मंत्रालय के नोटिफिकेशन का मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है. इससे पूर्व बिहार पुलिस ने हाल ही में बताया था कि उसके छह अफसर एक डीएसपी और पांच इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर एसीबी ज्वाइन करेंगे. इनमें से तीन ऑफिसर्स ने ड्यूटी ज्वाइन कर ली है. अभी तक उन्हें कोई जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है.

अफसरों की नियुक्ति को लेकर दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष बरखा सिंह ने केजरीवाल पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि एसीबी अधिकारियों की नियुक्ति राज्यपाल को सूचित किये बिना  करना ठीक नहीं है. उन्होंने केजरीवाल पर संविधान का आदर नहीं करने का भी आरोप लगाया. याद रहे कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार पर दबाव बनाने के लिए गैर भाजपा मुख्यमंत्रियों का रुख किया था. यहां तक कि एसीबी के अधिकार क्षेत्र का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया.

IANS