नई दिल्ली. दिल्ली के रेस्टोरेंट में एनकाउंटर को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. एनकाउंटर की सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद मामला और उलझ गया है. मनोज का परिवार पहले ही इसे फर्जी बता रहा है. परिवार ने आज गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात भी की है. सवाल उठने के बाद केंद्र और राज्य सरकार दोनों ने जांच के आदेश दे दिए हैं. वीडियो में यह तो दिखाई नहीं दे रहा कि गोली किसने चलायी लेकिन पुलिस के इस दावे की ज़रूर पोल खुल गयी है कि मनोज ने पहले गोली चलायी थी. 

दिल्ली में अस्पताल के सामने एनकाउंटर में मारे गए मनोज वशिष्ठ के परिवारवालों ने हंगामा किया हैं. इनकी मांग है कि एनकाउंटर के दोषी पुलिसवालों को तुरंत बर्खास्त किया जाए. लेकिन इस बीच चर्चित एनकाउंटर में नया मोड़ आ गया है. पुलिस ने घटना के समय मनोज वशिष्ठ के साथ मौजूद जेनिफर नाम की महिला का बयान वीडियो कैमरे में दर्ज किया है. पुलिस के मुताबिक जेनिफर ने भी बताया कि वो दो महिलाओं और दो आदमी के साथ मनोज वशिष्ठ के साथ सागर रत्ना रेस्टोरेंट में बैठी थी. तभी सादे लिबास में कुछ लोग आए और मनोज वशिष्ठ को चलने के लिए कहा. तभी मनोज वशिष्ठ ने अपनी पिस्टल निकाली और उसकी पुलिस के बीच झड़प हुई. पहली गोली मनोज की तरफ से चली और जाकर शीशे में लगी. इसके बाद मैं किचन की तरफ भाग गई और कुछ और फायरिंग की आवाज सुनी. जब मैं लौटकर आई तो मनोज खून से लथपथ जमीन पर पड़े थे और वहां सिल्वर रंग की पिस्टल भी थी.
 
इसी से मिलता-जुलता बयान दूसरे चश्मदीद संजय वोहरा ने भी बयान दिया था. पुलिस भी एनकाउंटर पर कायम है. राजेंद्र नगर थाने में आर्म्स एक्ट समेत कई धाराओं में मनोज वशिष्ठ के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. लेकिन परिवारवालों ने पुलिस पर पैसे लेकर हत्या का आरोप लगाया है. मनोज का परिवार इंसाफ की गुहार लगाने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के पास भी गया था. राजनाथ सिंह ने SIT जांच के आदेश दे दिए हैं. दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट सीपी एसआईटी की अध्यक्षता करेंगे. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पहले ही एनकाउंटर की जांच मजिस्ट्रेट से कराने का आदेश दे चुके हैं. गृहमंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक अगर जरूरत पड़ी तो सीबीआई जांच भी कराई जा सकती है.

IANS से भी इनपुट