पटना. बिहार विधानसभा चुनाव के चौथे चरण के तहत 55 सीटों पर वोटिंग शुरू हो गई है.  नेपाल और यूपी की सीमा से लगे सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मुजफ्फरपुर, गोलापगंज और सीवान जिलों में आज वोट डाले जा रहे हैं. सबसे ज्यादा पूर्वी चंपारण में 12 सीटें हैं.  मुजफ्फरपुर जिले में विधानसभा की 11 सीटें हैं. पश्चिमी चंपारण में 9, सीतामढ़ी में 8, शिवहर में 1, गोपालगंज में 6 और सीवान में 8 सीटें हैं.
 
बीजेपी की साख है दांव पर
उम्मीदवारों की बात करें तो एनडीए में सबसे ज्यादा बीजेपी के 42 उम्मीदवार हैं. एलजेपी के 5, आरएलएसपी और हम के 4-4 उम्मीदवार मैदान में हैं. महागठबंधन में आरजेडी 26, जेडीयू 21 और कांग्रेस 8 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. 2010 के चुनाव में बीजेपी को 26, जेडीयू को 25, आरजेडी को 1 और निर्दलीय को 3 सीटों पर जीत मिली थी. पिछले चुनाव में जिन तीन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते थे. वो तीनों उम्मीदवार अब बीजेपी के टिकट पर मैदान में हैं.
 
क्या है गणित
आज के चुनाव में कुल करीब एक करोड़ 45 लाख वोटर 776 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे. 776 उम्मीदवारों में से 57 महिला उम्मीदवार हैं. इनमें पुरुष वोटरों की संख्या 78 लाख और महिला वोटरों की संख्या करीब 68 लाख है. वैसे वोटर जो पहली बार वोट डालेंगे उनकी संख्या करीब 4.5 लाख है.
 
कौन हैं VIP उम्मीदवार
कल के चुनाव में जिन प्रमुख उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होने है उनमें मुजफ्फरपुर जिले की बोचहां से मंत्री रमई राम, कुढ़नी से मंत्री मनोज कुशवाहा, बाजपट्टी से मंत्री रंजू गीता जेडीयू की उम्मीदवार हैं. इनके अलावा शिवहर से पूर्व सांसद लवली आनंद, पूर्व मंत्री शाहिद अली खान सुरसंड से हम के उम्मीदवार हैं. सीतामढ़ी से पूर्व मंत्री सुनील कुमार पिंटू बीजेपी के उम्मीदवार हैं. इस दौर की सभी शहरी सीटें बीजेपी के कब्जे में हैं. इस बार ज्यादातर सीटों पर मुकाबला आमने सामने का है. लेकिन कुछ सीटों पर त्रिकोणीय संघर्ष भी है.
 
मुजफ्फरपुर के औराई में जन अधिकार पार्टी के संजय चौधरी मुकाबले को त्रिकोणीय बना रहे हैं. चिरैया में एसपी के अवनीश कुमार सिंह और शिवहर से अजीत कुमार झा ने भी लड़ाई को त्रिकोणीय बना रखा है. रामविलास पासवान के दामाद अनिल कुमार साधु बोचहां से चुनाव लड़ रहे हैं. लेकिन इस सीट पर बीजेपी के स्थानीय नेताओं ने बेबी कुमारी को समर्थन दे रखा है. इसलिए साधु की हालत खराब है. इस दौर में जिन इलाकों में वोटिंग होनी है वो इलाका नेपाल और उत्तर प्रदेश से सटा हआ है. लिहाजा अंतराष्ट्रीय सीमा सील कर दी गई है. यूपी बॉर्डर पर भी सघन तलाशी अभियान चल रहा है.
 
3043 मतदान केंद्र नक्सल प्रभावित इलाकों में’ 
अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी आर. लक्ष्मणन के अनुसार, सुरक्षा स्थिति के आकलन के आधार पर 43 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान सुबह सात से शाम पांच बजे तक होगा, जबकि आठ सीटों पर चार बजे तक मतदान होगा और चार सीटों पर मतदान तीन बजे ही खत्म हो जाएगा. उन्होंने बताया कि 3043 मतदान केंद्र नक्सल प्रभावित इलाकों में हैं. स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय अर्ध सैनिक बलों और राज्य पुलिस की 1163 कंपनियां (प्रत्येक कंपनी में 100 जवान) तैनात की जाएंगी. नदी में गश्त करने के लिए 38 मोटर बोट को सेवा में लगाया जाएगा.
 
‘पहले तीन चरणों में 131 सीटों पर हो चुका है मतदान’ 
पहले तीन चरणों में 131 सीटों पर मतदान हो चुका है. चौथे चरण के बाद, 186 सीटों पर मतदान हो चुका होगा. बची हुई 57 सीटों पर अंतिम चरण का मतदान पांच नवंबर को होना है. मतगणना आठ नवंबर को होगी.