दिल्ली. चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी के दो विज्ञापनों पर बैन लगा दिया है. महागठबंधन ने बीजेपी पर इन विज्ञापनों के जरिए राज्य में सांप्रदायिक तनाव फैलाने और धार्मिक आधार पर वोटरों को बांटने का आरोप लगाया था.

चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय नाइक को आदेश दिया है कि वो इस बात की गारंटी करें कि बीजेपी का ये दोनों विज्ञापन राज्य में चुनाव खत्म होने तक किसी भी अखबार या पत्रिका में न छपे.

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला और जेडीयू नेता केसी त्यागी ने दिन में मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी से मिलकर शिकायत दर्ज कराई थी कि बिहार में विज्ञापनों के जरिए भाजपा सांप्रदायिक तनाव फैला रही है जिसका चुनाव पर बुरा असर पड़ा है.
 
 
बीजेपी ने बिहार में ‘लालू-नीतीश जवाब दो, 25 सालों का हिसाब दो’ शीर्षक से अखबारी विज्ञापनों का एक अभियान चल रखा है. ये विज्ञापन हर रोज अखबारों में आते हैं जिनमें अलग-अलग दिन अलग मुद्दों पर महागठबंधन के नेताओं से सवाल पूछे जाते हैं.
 
चुनाव आयोग ने जिन दो विज्ञापनों को बैन किया है उनमें एक विज्ञापन में कहा गया है कि आरजेडी, जेडीयू और कांग्रेस के नेता एक समुदाय विशेष को खुश करने के लिए आतंकवादियों को शरण देते हैं.
 
दूसरे विज्ञापन में इस समुदाय का नाम खुलकर मुसलमान बताया गया था. इसमें सीएम नीतीश कुमार और लालू यादव से पूछा गया था कि दलितों-पिछड़ों की थाली खींचकर अल्पसंख्यकों को आरक्षण परोसने का षड्यंत्र क्या सुसाशन है. “