पटना. बिहार में आज विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण के तहत मतदान शुरू हो गया है. आज के मतदान के बाद कई दिग्गज नेताओं की किस्मत ईवीएम मशीनों में बंद हो जाएगी. तीसरे चरण में आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव के बेटे तेजस्‍वी यादव, तेज प्रताप यादव, नंद किशोर यादव, बाहुबली अनंत सिंह और नितिन नवीन जैसे दिग्गजों की किस्मत दांव पर होगी.
 
कांटे की टक्कर में कई राजनीतिक दिग्गजों की किस्मत फंसी है. उधर, पहले दो चरणों का मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हो जाने के बाद चुनाव आयोग ने तीसरे चरण के लिए भी सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की है. 40 विधानसभा क्षेत्रों को क्रिटिकल माना गया है. महागंठबंधन में जदयू ने 18, राजद ने 25 और कांग्रेस ने सात सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि एनडीए में भाजपा ने 34, लोजपा ने 10, हम ने चार और रालोसपा के दो प्रत्याशी मैदान में हैं. 
 
छह जिलों की जिन 50 विधानसभा सीटों के लिए 28 अक्तूबर को वोट डाले जाने वाले हैं,  वे राजनीतिक रूप से अहम हैं. राज्य सरकार के दो मंत्री श्याम रजक ( फुलवारी सीट से) और श्रवण कुमार (नालंदा सीट से) चुनाव मैदान में हैं. इसी चरण में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के दोनों बेटे महुआ से तेज प्रताप यादव और राघोपुर से तेजस्वी यादव के राजनैतिक करियर का भी फैसला होने वाला है.
 
पिछले विधानसभा चुनाव (2010) में जदयू ने 23 और भाजपा ने 19 सीटें जीती थीं. इस लिहाज से दोनों दलों के लिए यह चुनाव चुनौतीपूर्ण है. एक तरह से चुनाव का यह टर्निग प्वाइंट भी है. जिसके पक्ष में वोटरों का झुकाव हुआ, वह आगे निकलेगा. पिछले चुनाव में राजद ने आठ सीटें जीती थी. हालांकि इस बार चुनाव में राजद  ने 25 और जद यू ने 18 सीटों पर प्रत्याशी उतारा है. तीसरे चरण में कांग्रेस की जीती हुई कोई सीट नहीं है. 
 
उसके सात प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं. एनडीए में भाजपा 34 सीटों पर, लोजपा 10 सीटों पर, हम चार सीटों पर और रालोसपा दो सीटों पर चुनाव लड़ रही है. वाम ब्लॉक के कुल 66 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं. 12 सीटों पर वाम दलों के बीच दोस्ताना संघर्ष है.
 
पूर्व मंत्री वृषिण पटेल, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नंदकिशोर यादव, विधानसभा के उपाध्यक्ष अमरेंद्र प्रताप सिंह की किस्मत का फैसला भी  होने वाला है. इसी चरण में पटना जिले की 14 सीटों पर मतदान होना है. उनमें राजधानी की चार सीटें भी शामिल हैं. चुनाव प्रचार के दौरान एनडीए और महागंठबंधन के नेताओं ने एक-दूसरे पर तीखे वार किये. इस वजह से भी तीसरे चरण का चुनाव अहम है.