पटना. फिल्म अभिनेता और बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा है कि बिहार में नीतीश कुमार और लालू यादव की अगुवाई वाले महागठबंधन की सरकार बनने के बाद जंगलराज पार्ट-2 नहीं आएगा. सिन्हा की पार्टी बीजेपी लगातार यही कह रही है कि नीतीश-लालू की सरकार बनने पर राज्य में जंगलराज की वापसी हो जाएगी.

इंडिया न्यूज़ के खास कार्यक्रम संवाद में चैनल के एडिटर-इन-चीफ दीपक चौरसिया के साथ इंटरव्यू में सिन्हा ने कहा कि बीजेपी को जंगलराज की बात करने के बदले मुद्दों पर बात करनी चाहिए क्योंकि जंगलराज कहने का मतलब नीतीश और लालू का साथ दे रहे लोगों को जंगली कहना भी है.

महागठबंधन के महाचैलेंज को एनडीए महाअवसर में बदल सकता था

उन्होंने कहा कि राजनीति में जंगलराज जैसी नकारात्मक बातों के बदले बीजेपी को विकास की सकारात्मक बात करनी चाहिए. सिन्हा ने कहा कि बिहार में महागठबंधन बीजेपी और एनडीए के लिए एक महाचैलेंज था जिसे महाअवसर में बदला जा सकता था.

बिहार के लोकल लीडर्स मेरे खिलाफ हैं

शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि वो जब बिहार जाते हैं तो बिहार के कुछ लोकल लीडर्स में घबराहट होने लगती है. ये लोग उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे हैं.

सुशील मोदी पर बिना नाम लिए हमले किए शॉटगन ने

शत्रुघ्न सिन्हा ने बिहार में बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी का सीधे तौर पर नाम लिए बिना कहा कि बिहार के कुछ नेता उनकी सफलता को अपनी हार मानने लगे और फिर उन्हें रोकने की कोशिश करने लगे.

नीतीश की तारीफ शिष्टाचार है जो मैं भूल नहीं सकता

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ पर शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि नीतीश कुमार और लालू यादव से उनका व्यक्तिगत रिश्ता भी है और वो तारीफ एक शिष्टाचार है जिसे वो भूल नहीं सकते. उन्होंने कहा कि राजनीति के मंच पर वो हमेशा लालू और नीतीश की नीतियों की आलोचना करते रहे हैं.

एनडीए को सीएम कैंडिडेट घोषित करना चाहिए था

शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि एनडीए को बिहार में सीएम का कैंडिडेट घोषित करना चाहिए था. उन्होंने कहा कि बिहार महाराष्ट्र या हरियाणा नहीं है और एक राजनीतिक सजग राज्य है. वहां के लोगों को ये जानने का हक है कि सीएम कौन होगा. उन्होंने कहा कि एक सीएम कैंडिडेट होता तो नतीजे बेहतरीन होते.

टिकट बेचने की खबर है लेकिन चुनाव की घड़ी में शांत रहूंगा

सिन्हा ने बीजेपी सांसद और पूर्व गृह सचिव आरके सिंह द्वारा पार्टी के नेताओं पर टिकट बेचने का आरोप लगाने का पक्ष लेते हुए कहा कि उनके पास भी टिकट बेचने का उदाहरण हैं लेकिन चुनाव के समय वो इस पर चुप रहना ही बेहतर मानते हैं.

खामोश हूं क्योंकि पार्टी का वफादार हूं

शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि वो पार्टी के वफादार है इसलिए खामोश हैं. उन्होंने कहा कि बिहार के लोकल लीडर्स के कारण वो चुनाव के मौसम में खामोश हैं और दिल्ली के नेताओं ने उन्हें संरक्षण भी नहीं दिया. उन्होंने कहा कि बिहार में कुछ लोगों ने पार्टी की घेराबंदी कर रखी है. ये लोग पार्टी की कीमत पर मनमानी कर रहे हैं जिससे पार्टी को कोई क्षति पहुंची तो मुझे अफसोस होगा.

अब बिहार चुनाव में जाऊंगा तो वो भी मुद्दा बन जाएगा

शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को जानकारी मिल गई है कि मुझे जान-बूझकर बिहार से अलग रखा गया है लेकिन चुनाव में अब काफी देर हो चुकी है और अब अगर वो बिहार गए या बुलाए गए तो लोग इसी बात को मुद्दा बनाकर वोटरों का ध्यान असल मुद्दे से हटाएंगे कि बिहारी बाबू को अब बुलाया गया या अब क्यों बुलाया गया.

जो मेरी अपेक्षा पर खरे नहीं उतरे, उनकी अपेक्षा पर खरा उतरना मेरी मजबूरी नहीं

शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि पार्टी में जो लोग उनकी अपेक्षा पर खरा नहीं उतर पाए हैं उनकी अपेक्षा पर खरा उतरना उनके लिए कोई मजबूरी नहीं है.